जयपुर । अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को जालोर—सिरोही में सेट करने की कोशिशों के बीच आरसीए से उनका इस्तीफा कई सवाल उठाता है। इसका असर जालोर—सिरोही की लोकसभा सीट पर क्या पड़ेगा, क्योंकि उनके इस अविश्वास में जालोर जिला क्रिकेट एसोसिएशन भी शामिल रही।
जबकि इसके जिलाध्यक्ष कांग्रेस के विधायक रतन देवासी है। रतन देवासी को मनाना अशोक गहलोत के लिए कितना जरूरी होगा वैभव को ढंग से चुनाव लड़ाने के लिए। क्योंकि रतन देवासी पिछले लोकसभा चुनाव में प्रभावी परफोर्म कर गए थे। उनके पास एक बड़ा वोटबैंक और तेज तर्रार राजनीतिक समझ है। ऐसे में जालोर—सिरोही लोकसभा सीट पर वैभव गहलोत के प्रयासों में देवासी का यह धक्का कितना गहरा होगा? कई सवाल और कई सारे जवाब हैं। विश्लेषण प्रदीप बीदावत के साथ...
आरसीए से अशोक गहलोत के बेटे के हालिया इस्तीफे ने अटकलों को हवा दे दी है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर जालौर-सिरोही के राजनीतिक परिदृश्य को लेकर। वैभव गहलोत को निर्वाचन क्षेत्र में स्थापित करने के प्रयासों के साथ, गतिशीलता और भी दिलचस्प हो गई है।