जिस पर सचिन पायलट ने भी बड़े रोचक तरीके से तीखा पलटवार कर दिया है।
अनुशासन तोड़ने वालों के टिकट पर भी मैंने नहीं की आनाकानी
मीडिया को जवाब देते हुए पायलट ने कहा कि पिछले साल 25 सितंबर को जो घटनाक्रम हुआ, उस दौरान कुछ लोगों पर अनुशासन तोड़ने के भी आरोप लगे थे, लेकिन आज उनका भी खुले दिल से स्वागत किया गया है।
उस समय चाहे सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की अवमानना भी किसी ने क्यों न कि हो, लेकिन फिर भी पार्टी के हित में मैंने उसका विरोध नहीं किया।
अब उन पर कार्रवाई हुई या नहीं, ये अलग बात है, लेकिन जिन-जिन लोगों को टिकट देने की बात कही गई और अगर वो जीतने वाले उम्मीदवार थे तो मैंने भी उनके टिकट फाइनल करने में कोई आनाकानी नहीं की है।
इससे बड़ा प्रमाण आपसी मोहब्बत का भला और क्या हो सकता है।
पायलट ने कहा कि, मुख्यमंत्री जी ने भी कहा है कि हमारे अंदर जो प्यार मोहब्बत है, वो एक मिसाल बन चुकी है।
क्या कहा था सीएम अशोक गहलोत ने ?
राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट के साथ गए लोगों के टिकिट करीब-करीब फाइनल हो गए हैं।
मैनें उनके एक भी समर्थक के टिकिट पर ऑब्जेक्शन नहीं किया है।
गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट के करीबी नेताओं के टिकट का उन्होंने विरोध नहीं किया है। पायलट के समर्थक विधायकों के टिकट लगभग फाइनल हो चुके हैं।