टोंक | दिल्ली में कांग्रेस आलाकमानों के साथ बैठक कर सीएम अशोक गहलोत से सुलह के बादलों के बीच बुधवार को सचिन पायलट ने चुप्पी तोड़ते हुए फिर से मांगों की वर्षा कर दी है।
आज सचिन पायलट अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक में पहुंचे और दो दिन से चुप्पी साधने के बाद आखिरकार जनता के बीच अपने मन की बात कह डाली है।
सचिन पायलट ने अशोक गहलोत सरकार को दिए अल्टीमेटम का जिक्र करते हुए कहा कि, नौजवानों के लिए मैंने हमेशा संघर्ष किया है।
मैं अपने राजनीतिक जीवन में चाहे किसी पद पर रहूं या ना रहूं मेरे प्रदेश के नौजवानों के लिए अपनी बात को रखने में कोई कमी नहीं रखी।
हमारे जैसे लोग अगर नौजवानों की बात नहीं रखेंगे तो उनकी उम्मीदें खत्म हो जाएगी।
किसी को यह नहीं समझना चाहिए कि हमने अपनी बात को रखना छोड़ दी है। हम अपनी बात पर बने रहेंगे। अपनी मांगों को पूरा करवाएंगे।
नौजवान हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर किसी के साथ नाइंसाफी हो रही है, अनदेखी हो रही है, पक्षपात हो रहा है, वो हम लोगों को बर्दाश्त नहीं होगी।
पायलट ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए मुझकों आपसे कोई जुदा नहीं कर सकता।
इस दौरान रास्ते में उनका सैंकड़ों लोगों ने जोरदार स्वागत किया। पायलट को 51 किलो की फूलों की माला पहनाई गई।
इस दौरान पायलट के साथ विधायक राम निवास गवरिया भी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए अपने संबोधन में पायलट ने बिना किसी का नाम लिए भाजपा पर भी कटाक्ष किया और कहा कि, चुनावी साल है। हाइवे से कुछ लोग आ रहे हैं, जा रहे हैं।
ऐसे में किसी को गलतफहमी पालनी नहीं चाहिए। हमारा आपका साथ अटूट है जिसको न कोई नहीं तोड़ सकता है।