जयपुर, 6 अक्टूबर | राजस्थान में 2 से 15 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा 'सहकार सदस्यता अभियान' प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के उन लाखों लाभार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो रहा है, जो विभिन्न कारणों से अपनी किश्तों से वंचित थे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र किसानों की आधार सीडिंग और ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को सुगम बनाना है, ताकि उन्हें सम्मान निधि की अटकी हुई किश्तें प्राप्त हो सकें और भविष्य में भी भुगतान सुचारू रूप से जारी रहे।
राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 77.73 लाख ऐसे लाभार्थी हैं, जिनका भूमि सत्यापन सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। ये सभी किसान योजना के अंतर्गत सम्मान निधि प्राप्त करने के पात्र हैं। हालांकि, इनमें से कई किसान ऐसे भी हैं जिन्होंने अभी तक अपनी आधार सीडिंग और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। यह उल्लेखनीय है कि सम्मान निधि की 15वीं किश्त से सभी लाभार्थियों के लिए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने ये प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं, उनकी सम्मान निधि की किश्तें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
अभियान शिविरों में मिल रही विशेष सुविधा
'सहकार सदस्यता अभियान' के अंतर्गत लगाए जा रहे शिविरों में आधार सीडिंग और ई-केवाईसी के कार्य को एक प्रमुख गतिविधि के रूप में शामिल किया गया है। इससे किसानों को बिना किसी परेशानी के और बिना कार्यालयों के चक्कर लगाए एक ही स्थान पर यह महत्वपूर्ण सुविधा मिल रही है। पात्र किसान अपनी सुविधानुसार ई-मित्र केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या पीएम किसान गोआई (PM Kisan GoI) मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग करके स्वयं भी आधार सीडिंग करवा सकते हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार, ई-केवाईसी के लिए पटवारी या तहसील कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जिन किसानों ने पहले ही फार्मर रजिस्ट्री बनवा ली है, उन्हें ई-केवाईसी करवाने की आवश्यकता नहीं है।