Jaipur | भारतीय सिनेमा जगत में सलीम खान का नाम सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। वे न केवल एक सफल अभिनेता रहे हैं, बल्कि अपने लेखन और फिल्म निर्माण में भी उन्होंने अपनी अनूठी पहचान बनाई है। हिंदी फिल्म उद्योग में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सलीम खान का जन्म 24 नवंबर 1935 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ। उनका झुकाव बचपन से ही कला और अभिनय की ओर था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर अभिनेता की, लेकिन वे मुख्य रूप से सपोर्टिंग रोल में ही नजर आए। फिल्मों में उनके अभिनय ने भले ही बड़ी सफलता न पाई हो, लेकिन उनकी लेखन प्रतिभा ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में अमर कर दिया।
सलीम खान की मुलाकात जावेद अख्तर से हुई और दोनों ने साथ में हिंदी सिनेमा के लिए ऐसा लेखन किया जो आज भी मील का पत्थर माना जाता है। "सलीम-जावेद" की जोड़ी ने शोले, दीवार, डॉन, और जंजीर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की पटकथा लिखी। इन फिल्मों ने हिंदी सिनेमा को नई दिशा दी और इस जोड़ी को बेमिसाल पहचान दिलाई।
सलीम खान ने अभिनय और लेखन के अलावा फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया। उनका परिवार भी फिल्म उद्योग में सक्रिय है। उनके बेटे सलमान खान, सोहेल खान, और अरबाज खान सभी जाने-माने नाम हैं। खासकर सलमान खान, जो बॉलीवुड के सुपरस्टार हैं, ने अपने पिता से अनुशासन और समर्पण की प्रेरणा ली है।