अहमदाबाद शहर के पुलिस आयुक्त जी.एस. मलिक ने सोमवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि इस हत्याकांड की जड़ पारिवारिक विवाद है। पुलिस के अनुसार, बदाराम और उनके बड़े भाई खेताराम मोदी के बीच सिरोही के मंडवाड़ा स्थित 40 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपए थी। एक वर्ष पूर्व बदाजी मोदी के भाई खेताराम की भी हत्या हो गई थी, जिसमें शक की सुई बदाजी मोदी पर गई थी। पुलिस अब इस हत्याकांड के पीछे छिपे अन्य कारणों की भी जांच कर रही है।
हत्या की साजिश
पुलिस ने बताया कि बदाजी मोदी की हत्या की साजिश उनके भतीजे अशोक मोदी ने रची थी। अशोक ने हत्या की सुपारी यूपी के कानपुर के निवासी अन्नू राजपूत (24) को दी थी। इसके अलावा, शूटर के रूप में मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के कुलदीप परमार (22) को बुलाया गया, जो फिलहाल अहमदाबाद के मेम्को क्षेत्र में रह रहा था। अंकित भदौरिया (21), जो भिंड जिले के अटेर तहसील का निवासी है, ने इस हत्या को अंजाम देने में विभिन्न तरीकों से कुलदीप और अन्नू की मदद की।
हत्या के बाद फरार
पुलिस आयुक्त ने बताया कि कुलदीप और अन्य आरोपी ने नेहरूनगर स्थित बदाजी मोदी की सब्जी की दुकान पर जाकर उन पर फायरिंग की और मोटरसाइकिल से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद बदाजी मोदी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
सुपारी की रकम
पुलिस आयुक्त मलिक ने बताया कि अशोक मोदी ने इस हत्या के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी, लेकिन अब तक सिर्फ 75 हजार रुपए ही चुकाए गए थे।
आगे की जांच जारी
पुलिस फिलहाल इस मामले में सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है और पता लगा रही है कि क्या अन्य कोई भी व्यक्ति या कारण इस हत्याकांड में शामिल हो सकता है।