विधायक चौधरी ने भारत की बदलती वैश्विक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय था जब भारत को मिसाइल, उपकरण और अत्याधुनिक तकनीक के लिए पूरी तरह से विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने गर्व से कहा, “आज दुनिया भारत में बने यंत्र और मिसाइलें खरीद रही है। यह प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व और उनकी ‘मेक इन इंडिया’ पहल का ही परिणाम है।” उन्होंने बताया कि कैसे भारत अब रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक निर्यातक देश के रूप में उभर रहा है, जो देश की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।
स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की अपील
चौधरी ने सिरोही सहित पूरे राजस्थान के छोटे व्यापारियों और उद्योगपतियों से भावुक अपील की कि वे भारत में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने समझाया कि जब देश के नागरिक स्वदेशी उत्पादों को खरीदेंगे, तो वह पैसा देश के भीतर ही घूमेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, “यही सच्चा ‘आत्मनिर्भर भारत’ होगा, जब हमारा पैसा हमारे देश में ही रहेगा और हमारे लोगों के काम आएगा।” उन्होंने हर नागरिक से इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
किसानों के लिए बढ़ी मदद और भ्रष्टाचार पर शिकंजा
कृषि नीतियों पर बात करते हुए लुम्बाराम चौधरी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के लिए जो योजनाएं चलाई हैं, उन्होंने गांवों में एक नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि में ₹2000 की तीन किस्तें इस तरह से तय की गईं ताकि किसानों को हर फसल के मौसम में आर्थिक राहत मिल सके। चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भी प्रशंसा की, जिन्होंने राज्य सरकार की ओर से ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता जोड़कर किसानों को और अधिक सशक्त किया है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “अब दिल्ली से भेजा गया एक-एक रुपया सीधे किसानों के खाते में पहुंच रहा है। पहले 85% पैसा बीच में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब यह पूरी तरह बंद हो गया है।”
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख और कांग्रेस पर निशाना
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विधायक चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो ठेकेदार या अधिकारी सही ढंग से काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “चाहे कोई कितना भी बड़ा ठेकेदार क्यों न हो, गलत काम करने वालों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उन्हें भविष्य में कोई भी सरकारी काम नहीं मिलेगा।” भ्रष्टाचार पर चर्चा के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के 70 साल में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी कर दी थीं कि उसे खत्म करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन मोदी सरकार उसे जड़ से खत्म करने में पूरी तरह से जुटी हुई है।
विदेशी कंपनियों और भारत की नई पहचान
लुम्बाराम चौधरी ने विदेशी कंपनियों को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी कंपनियां आ सकती हैं, लेकिन उनमें काम भारतीय मजदूरों और इंजीनियरों को मिलना चाहिए। “मोदी जी चाहते हैं कि भारत में बनी चीजें ही प्राथमिकता पाएं, ताकि हर भारतीय के हाथ को काम मिले और हमारा देश आर्थिक रूप से मजबूत हो,” उन्होंने कहा। उन्होंने भारत की बदलती वैश्विक छवि पर जोर देते हुए कहा कि आज भारत दुनिया के सामने झुकने वाला देश नहीं रहा। उन्होंने कहा, “पहले प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने झुक जाते थे, लेकिन आज नरेंद्र मोदी एक ऐसे शेर हैं जो झुकना नहीं जानते और अपने देश के सम्मान के लिए किसी के सामने नहीं झुकते।”
नकली खाद पर त्वरित कार्रवाई और केंद्रीय विद्यालय की सौगात
किसानों से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर, चौधरी ने बताया कि सिरोही में नकली खाद की शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन को तुरंत निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा, “जो ट्रक नकली खाद लेकर गए थे, उन्हें वापस बुलवाया गया और संबंधित सोसायटियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चौधरी ने सिरोही को मिली केंद्रीय विद्यालय की सौगात पर भी खुशी जताई। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए उन्होंने स्वयं ₹1 लाख का योगदान दिया है और स्कूल भवन के लिए उपयुक्त जमीन भी आरक्षित करवा दी है। उन्होंने कहा, “हमने सिरोही में 10 स्थानों का निरीक्षण कर सबसे उपयुक्त जगह चुनी है। आने वाले सत्र से ही केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में लुम्बाराम चौधरी ने दोहराया कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “जब तक हर व्यक्ति भारत में बनी चीज़ें अपनाएगा नहीं, तब तक आत्मनिर्भरता अधूरी रहेगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सिरोही के विकास के लिए धन्यवाद दिया और विश्वास व्यक्त किया कि सिरोही भी आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।