सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सिरोही नगर परिषद की बेशकीमती भूमि पर अवैध रूप से पट्टे जारी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोढ़ा ने इस संबंध में जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी और नगर परिषद प्रशासक एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेश गोयल से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में नगर परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने का सनसनीखेज खुलासा किया गया है। लोढ़ा ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के चलते अवैध रूप से जारी किए गए इन पट्टों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
करोड़ों की भूमि पर भ्रष्टाचार का साया
संयम लोढ़ा ने बताया कि सिरोही नगर परिषद के स्वामित्व वाली भूमि, जो मौजा ग्राम सिरोही प्रथम में स्थित है, उस पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि पुराने खसरा संख्या 1076/1 मी और नए खसरा संख्या 1298 (रकबा 0.0300 हेक्टेयर) तथा पुराने खसरा संख्या 1075 और नए खसरा संख्या 1300 (रकबा 0.1700 हेक्टेयर) जो कि 'ग़ैर मुमकिन आबादी' के रूप में दर्ज हैं, उन पर अवैध कब्जा कराने की कोशिश की गई है। विशेष रूप से खसरा संख्या 1298, जो आधिकारिक तौर पर सड़क के रूप में दर्ज है, उसे भी निजी व्यक्तियों के नाम करने का प्रयास किया गया है। लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी भूमि नगर परिषद सिरोही के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, फिर भी अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर धारा 69A के तहत फर्जी पट्टे जारी कर दिए।