ऐसे में दोनों नेता एक बार फिर से 10 साल बाद आमने-सामने हो गए हैं।
महरिया और डोटासरा दोनों ही शेखावाटी के कद्दावर जाट नेता माने जाते हैं। दोनों नेताओं के पास ही भारी जनमत है। ऐसे में यहां होने वाला मुकाबला बेहद ही रोचक रहने वाला है।
2013 में आमने-सामने हुए थे दोनों नेता
आपको बता दें कि इससे पहले साल 2013 में कांग्रेस के टिकट पर गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा के टिकट पर सुभाष महरिया आमने-सामने हुए थे।
किसे मिली थी जीत ?
डोटासरा और महरिया के बीच 10 साल पहले हुआ मुकाबला भी बेहद रोमांचक और करीबी रहा था। इस चुनाव में डोटासरा ने बाजी मारते हुए भाजपा के सुभाष महरिया को 10 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।
इस बार कौन मार सकता है बाजी
आपको बता दें कि सुभाष महरिया कांग्रेस में जाकर वापस से भाजपा में शामिल हुए हैं। महरिया को राजनीति में 25 साल से अधिक समय का अनुभव रहा है। भाजपा के टिकट पर महरिया लगातार तीन बार सांसद भी रह चुके हैं।
इसी के साथ महरिया किसान होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता तथा बिजनेसमैन भी है।
वहीं दूसरी ओर, छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले गोविंद सिंह डोटासरा मौजूदा समय में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा गहलोत सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं।