जयपुर | ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता से निराकरण किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की अभाव नहीं हो।
जयपुर डिस्कॉम के केन्द्रीकृत कॉल सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता से निराकरण किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की अभाव नहीं हो।
HIGHLIGHTS
- 1 बिजली आपूर्ति में व्यवधान संबंधी शिकायत प्राप्त होते ही फॉल्ट रेक्टीफिकेशन टीम (एफआरटी) जल्द से जल्द उपभोक्ता तक पहुंचें और बाधित विद्युत आपूर्ति को यथाशीघ्र बहाल करना पहली प्राथमिकता हो। कॉल सेंटर प्रभारी अधीक्षण अभियंता ए. के. त्यागी ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया कि जयपुर डिस्कॉम में कॉल सेन्टर पर दर्ज शिकायतों के तुरन्त समाधान के लिए सब-डिवीजन स्तर पर 330 एफआरटी टीमें मय वाहन संचालित हैं।
संबंधित खबरें
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में व्यवधान संबंधी शिकायत प्राप्त होते ही फॉल्ट रेक्टीफिकेशन टीम (एफआरटी) जल्द से जल्द उपभोक्ता तक पहुंचें और बाधित विद्युत आपूर्ति को यथाशीघ्र बहाल करना पहली प्राथमिकता हो।
नागर ने मंगलवार रात राममंदिर बनिपार्क पावर हाउस स्थित जयपुर डिस्कॉम के केन्द्रीकृत कॉल सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉल को अटेंड भी किया।
संबंधित खबरें

वे बिना अग्रिम सूचना के रात करीब 9 बजे केन्द्रीकृत कॉल सेंटर पहुंचे और वहां उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को बारीकी से देखा।
ऊर्जा मंत्री ने वहां मौजूद कार्मिकों से 24*7*365 कार्यरत इस कॉल सेंटर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों तथा उनके समाधान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रचंड गर्मी में विद्युंत आपूर्ति में व्यवधान अथवा बिजली संबंधी किसी भी शिकायत को पूरी संवेदनशीलता से सुना जाए।
कॉल सेंटर प्रभारी अधीक्षण अभियंता ए. के. त्यागी ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया कि जयपुर डिस्कॉम में कॉल सेन्टर पर दर्ज शिकायतों के तुरन्त समाधान के लिए सब-डिवीजन स्तर पर 330 एफआरटी टीमें मय वाहन संचालित हैं।
उन्होंने बताया कि विद्युत आपूर्ति में व्यवधान व अन्य तकनीकी शिकायतें उपभोक्ता टोल फ्री आईवीआरएस नंबर 18001806507, टेलिफोन नम्बर 0141-2203000, आईवीआरएस 1912 पर अपना सम्पूर्ण पता मय बिल में अंकित 12 अंकों का के-नम्बर टाईप कर शिकायत मैसेज एवं वाट््सएप द्वारा भी दर्ज करवा सकते है।
उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर पर 19 मई से 27 मई तक प्राप्त 1 लाख 48 हजार 840 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है।