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राजनीति

इस दल ने खुद को किया अलग, कहा- कांग्रेस का साथ मंजूर नहीं

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लगता है कि मोदी सरकार का विजयी रथ रोक रोकना  इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि पहली ही बैठक में भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता और तेलंगाना सरकार में मंत्री केटीआर ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बीआरएस को कांग्रेस का साथ कतई मंजूर नहीं है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 लगता है कि मोदी सरकार का विजयी रथ रोक रोकना  इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि पहली ही बैठक में भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता और तेलंगाना सरकार में मंत्री केटीआर ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बीआरएस को कांग्रेस का साथ कतई मंजूर नहीं है। 
third front meet ktr rao separated itself said congress support is not acceptable
KTR Rao

पटना | केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने से पहले ही विपक्षी एकजुटता को बड़ा धक्का लगा है।

शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष को एकजुट करने को लेकर नीतीश कुमार की एकता बैठक में कांग्रेस का हाथ इतना भारी पड़ गया कि एक दल ने इससे किनारा कर लिया। 

केन्द्र सरकार के खिलाफ हाथ मिलाने के लिए नीतीश कुमार ने आज पटना में सभी विपक्षी दलों की एक बड़ी बैठक बुलाई है, ताकि सभी मिलकर मोदी सरकार का विजयी रथ रोक सके।

लेकिन लगता है कि ये इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि पहली ही बैठक में भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता और तेलंगाना सरकार में मंत्री केटीआर ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बीआरएस को कांग्रेस का साथ कतई मंजूर नहीं है। 

नीतीश कुमार की तारीफ, लेकिन हाथ का साथ नहीं

तेलंगाना सरकार के मंत्री केटीआर राव (KTR Rao) ने पटना में हुई बैठक में सीएम नीतीश कुमार और सभी दलों की तारीफ तो की, लेकिन क्रांग्रेस के साथ मिलकर खड़े होने से इनकार कर दिया। 

उन्होंने कहा कि जिस बैठक में कांग्रेस है, उसे हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस ने देश में 50 साल तक राज किया और देश की जो हालत है, उसके लिए वो भी जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, राजनीतिक दलों की एकता उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि देश में व्याप्त मुद्दों पर लोगों को एकजुट करना महत्वपूर्ण है।

आज हमारा देश जिन समस्याओं से जूझ रहा है उसके लिए कांग्रेस और भाजपा जिम्मेदार हैं। अगर राजनीतिक दल बीजेपी या कांग्रेस को साथ लेकर एकजुट होते हैं तो इससे देश को कोई फायदा नहीं होगा।

इसी के साथ बीआरएस नेता ने ये भी कहा कि कांग्रेस को जवाब देना होगा कि वे इस संघीय-विरोधी विधेयक का समर्थन क्यों नहीं करेंगे, जिसे भारत सरकार इस देश के लोगों पर लागू करने की कोशिश कर रही है, खासकर दिल्ली सरकार के मामले में।

उन्होंने कहा, अगर कांग्रेस के बिना कोई तीसरा मोर्चा बनता है तो हम उसमें जरूर शामिल होंगे, लेकिन कांग्रेस का साथ हमें स्वीकार नहीं है।

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