जयपुर | उदयपुर में मेवाड़ राजवंश के राजतिलक को लेकर पूर्व राजपरिवार में विवाद का माहौल गरमा गया है। सोमवार को पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे और वर्तमान में नाथद्वारा के विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ का राजतिलक किया गया। राजतिलक की रस्म के बाद परंपरागत धूणी दर्शन के लिए विश्वराज सिंह अपने समर्थकों के साथ सिटी पैलेस पहुंचे, लेकिन वहां उनके चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार ने विरोध जताते हुए सिटी पैलेस के दरवाजे बंद कर दिए।
जिला प्रशासन ने कदम उठाते हुए बड़ी पोल से लेकर धूणी और जनाना महल तक का क्षेत्र कुर्क किया और घंटाघर थाना अधिकारी को रिसीवर नियुक्त किया है। हालांकि, विश्वराज सिंह मेवाड़ की ओर से इस आदेश में संशोधन की मांग की गई है, और एक नया आदेश तैयार किया जा रहा है।
विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने किया हस्तक्षेप
विश्वराज सिंह के समर्थक जबरन बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत की, लेकिन किसी भी तरह का समझौता नहीं हो सका। इस बीच, सिटी पैलेस के अंदर से पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिसमें कुछ लोगों को चोटें आईं। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया, लेकिन समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
विवादित स्थान को किया गया कुर्क, पुलिस तैनात
स्थिति को गंभीर होते देख प्रशासन ने सिटी पैलेस के धूणी स्थान को कुर्क कर दिया और संबंधित स्थान पर थानाधिकारी को रिसीवर नियुक्त किया। प्रशासन ने सिटी पैलेस के गेट पर इसका नोटिस भी चिपकाया है। हालांकि, तनाव अब भी बरकरार है, और सैकड़ों समर्थक सिटी पैलेस के बाहर जमा हैं।
उदयपुर के सिटी पैलेस में विवाद बढ़ा, पथराव तक हो गया है। #udaipur #rajasthan #mewar pic.twitter.com/WxRwYsDDBe
— Pradeep Singh (@PBeedawat) November 25, 2024
एकलिंगजी मंदिर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध
अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार ने अखबारों में नोटिस प्रकाशित कर एकलिंगजी मंदिर में विश्वराज सिंह के प्रवेश पर रोक लगा दी है। प्रशासन से सहयोग मांगते हुए उन्होंने कहा है कि मंदिर में अनाधिकृत प्रवेश से कानून व्यवस्था बाधित हो सकती है। उदयपुर कलेक्टर अरविंद पोसवाल और एसपी योगेश गोयल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
चित्तौड़गढ़ में हुआ प्रतीकात्मक राजतिलक
इससे पहले, चित्तौड़गढ़ में महल के फतह प्रकाश में विश्वराज सिंह का राजतिलक हुआ, जिसमें उन्हें मेवाड़ के 77वें महाराणा के रूप में सम्मानित किया गया। इस दौरान 21 तोपों की सलामी दी गई और विभिन्न राजपरिवारों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
एक युद्ध हुआ था किले में प्रवेश के लिए शक्तावतों और चूण्डावतों के बीच किले में प्रवेश के लिए। उंटाला का युद्ध था जो आजकल वल्लभनगर है। शाहजहां का किलेदार दोनों ही किले में नहीं घुसने देना चाहता था और बल्लू शक्तावत ने शूल वाले दरवाजे पर अपने आपको हाथी से टक्कर दिलाकर दरवाजा…
— Pradeep Singh (@PBeedawat) November 25, 2024
अधिकारियों की अपील – शांति बनाए रखें
कलेक्टर पोसवाल ने विवाद के समाधान में समय लगने की बात कही और समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। एसपी गोयल ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सभी सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। दूसरी तरफ, विश्वराज सिंह का पक्ष सिटी पैलेस में प्रवेश पर अड़ा हुआ है, जिससे तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा।