Jaipur | वैभव गहलोत अपने पिता अशोक गहलोत के अलावा शायद राजस्थान के किसी भी बड़े नेता को अपना आलाकमान नहीं मानते हैं. इसीलिए वैभव गहलोत ने टिकट देने के लिए आलाकमान का आभार जताया है. प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राष्ट्रीय स्तर के नेता सचिन पायलट, प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा गायब हैं. इस पर कई तरह से चर्चा हो रही है.
जालोर- पिछले चुनाव में जोधपुर से साढ़े तीन लाख वोटों से टिकट पाने वाले अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने इस बार सिरोही सीट पर प्रचार शुरू कर दिया है. वैभव गहलोत ने सिरोही में नेताओं से मुलाकात की और चुनावी माहौल पर चर्चा की. एक दिन पहले रानीवाड़ा में पूर्व विधायक रतनाराम चौधरी के भाई प्रेमाराम चौधरी ने कांग्रेस की दुर्दशा के लिए पुखराज पाराशर को जिम्मेदार ठहराते हुए वैभव को कहा कि भविष्य आपका है, लेकिन यहां की स्थिति खराब पराशर के कारण हुई है.
कांग्रेस में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही पोस्टर और फोटो पॉलिटिक्स शुरू हो गई है. जालौर-सिरोही से कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत के सोशल मीडिया पर लगे डिजिटल पोस्टर पर अशोक गहलोत के अलावा राजस्थान के किसी भी नेता की फोटो नहीं है.
प्रत्याशी घोषित होने के बाद वैभव गहलोत ने आज जालोर क्षेत्र में जनसंपर्क और आभार जताने के लिए सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर किया, जिसमें गहलोत को छोड़कर सभी बड़े नेता गायब हैं. इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है.