राजे की अचानक से ऐसी सक्रियता को देखते हुए अब उनके समर्थकों में खुशी बढ़ गई है और ये भी कयास लगाए जा रहे है कि आगामी चुनावों में सीएम फेस को लेकर राजे ही चुनावी मैदान में हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक विधानसभा में इसलिए नहीं आ रहे, क्योंकि उनकी कोई सुन ही नहीं।
उन्होंने कहा कि जिस सरकार में सत्ता पक्ष के विधायक की ही सुनवाई न हो, उसमें आमजन की कौन सुनेगा?
गौरतलब है कि, दो दिन पहले ही सांगोद से कांग्रेस के विधायक भरत सिंह ने विधानसभा सत्र में भाग नहीं लेने को लेकर कहा था कि जब मेरी बात को सुना ही नहीं जाता है तो विधानसभा में जाने का क्या मतबल है।
गहलोत सरकार की विदाई तय
राजे ने कहा कि साढ़े 4 साल तक भ्रष्टाचार कर जो सरकार जनता को लूट रही थी, वह अब हार के भय से अंतिम समय में राहत देने का नाटक कर रही है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री रिश्वत लेते हुए पकड़े जा रहे हैं। पूरे देश में कहीं सबसे अधिक भ्रष्टाचार है, तो वह राजस्थान में है।
कानून व्यवस्था में भी इस सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। ऐसे में आगामी चुनावों में गहलोत सरकार की विदाई तय हो गई है।
पूर्व सीएम राजे ने गहलोत सरकार को चहूं ओर घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस सरकार की मुफ्त योजनाएं मोदी जी और हमारी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की योजनाएं हैं।
लोगों के घरों में बिजली ही नहीं है और कह रहे हैं 100 यूनिट बिजली फ्री।
फ्री बिजली के नाम पर दरें दोगुनी कर दी। बिजली पर फ्यूल चार्ज 6 गुना बढ़ा दिया।
राजे के संबोधन में उनकी पुरानी आक्रमकता दिखाई दी। जिसे देखने के लिए उनके समर्थक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।