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राजनीति

बालाजी के धाम ’सालासर’ से वसुंधरा के शक्ति प्रदर्शन की शुरूआत

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पूनिया ने सीएम हाउस घेराव की वजह से राजे के जन्मदिन कार्यक्रम में पहुंचना मुनासिफ नहीं समझा है और पार्टी विधायकों को भी जयपुर में रहने का आदेश दिया है। यहीं पर पूरा मामला उलझ गया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 पूनिया ने सीएम हाउस घेराव की वजह से राजे के जन्मदिन कार्यक्रम में पहुंचना मुनासिफ नहीं समझा है और पार्टी विधायकों को भी जयपुर में रहने का आदेश दिया है। यहीं पर पूरा मामला उलझ गया है।
vasundhara raje salasar churu program before assembly election 20223
सालासर में राजे की सियासी गुलाल!

जयपुर | राजस्थान में होली से पहले ही सियासी गुलाल उड़ना शुरू हो गया है। इसकी शुरूआत प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार से कर दी है।

दरअसल, वसुंधरा राजे का 8 मार्च यानी को जन्मदिन है और वे इसे यादगार बनाने के साथ-साथ अपना वर्चस्व भी दिखाना चाहती हैं। ऐसे में उन्होंने होली से पहले ही अपना जन्मदिन मनाने का फैसला लेते हुए आज यानि 4 मार्च को चूरू के सालासर धाम में बड़ा आयोजन रखा हैं।

इस अवसर पर पूजा-अर्चना के साथ जनसभा और फाग उत्सव का कार्यक्रम भी रखा गया है।

राजस्थान में इसी साल विधान सभा चुनाव 2023 होने वाले हैं। जिसके चलते सियासी खींचतान का सिलसिला भी शुरू हो गया है और ये खींचतान किसी विपक्षी पार्टी के बीच नहीं बल्कि अपनी ही पार्टियों में लगातार देखी जा रही है।

जहां कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में दो गुट नजर आ रहे हैं... ऐसा ही हाल कुछ भारतीय जनता पार्टी में भी दिखाई दे रहा है। 

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के जन्मदिवस को उनके समर्थक नेता और कार्यकर्ता चुनावों से पहले यादगार बनाने के लिए पूरजोर कोशिश में लगे हुए हैं। ऐसे में इस मौके पर शामिल होने के लिए बीजेपी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी सालासर कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे हैं, लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया इस कार्यक्रम से नदारद रहने वाले हैं। 

राजे के जन्मदिन कार्यक्रम में नहीं, जयपुर में ही रहे विधायक
दरअसल, पूनिया ने सीएम हाउस घेराव की वजह से राजे के जन्मदिन कार्यक्रम में पहुंचना मुनासिफ नहीं समझा है और पार्टी विधायकों को भी जयपुर में रहने का आदेश दिया है। यहीं पर पूरा मामला उलझ गया है।

अब राज समर्थक जो विधायक उनके कार्यक्रम में जाने का इच्छुक है उसे भी न चाहते हुए कार्यक्रम से दूरी बनानी होगी और पार्टी के लिए जयपुर में होने वाले प्रदर्शन में भाग लेना होगा। आपको याद दिलाते चले कि 8 मार्च की जगह पिछले साल 2022 में वसुंधरा राजे ने केशोरायपाटन में जन्मदिन मनाया था।

तब सतीश पूनिया के आह्वान के बावजूद 40 से ज्यादा विधायक राजे को बधाई देने केशोरायपाटन पहुंच गए थे।

कैसी तैयारी है सालासर में
वसुंधरा राजे के कार्यक्रम के लिए चूरू के सालासर में जनसभा के लिए बड़ा सा पांडाल सजकर तैयार है। बड़ी संख्या में नेताओं और लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। स्टेज पर पीएम नरेंद्र मोदी और वसुंधरा राजे की बड़ी तस्वीर लगाई गई है।

इस मंच से पूर्व भाजपा सीएम राजे सियासी गुलाल उड़ाने की तैयारी में हैं। राजे की इस सभा में एक लाख से भी ज्यादा कार्यकर्ताओं की भीड़ आने का दावा किया जा रहा है। इस सभा को राजे के साथ ही उनके समर्थक नेता सम्बोधित करेंगे। इस जनसभा के बाद फागोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 

राजे समर्थक डटे मैदान में
पूर्व सीएम राजे के कार्यकाल में उनके मंत्री रहे कई नेता और उनके समर्थक इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई दिनों जुटे हुए हैं। जिसमें बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री यूनुस खान और राजपाल सिंह शेखावत पिछले 48 घंटों से सालासर में मोर्चा संभाले हुए मैदान में डटे हुए हैं।

ऐसे में चुनावी साल में शुरू हुई गुटबाजी को रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह को भी मोर्चा संभालना पड़ा है और वे भी राजस्थान पहुंच गए हैं। पार्टी में सामंजस्य बैठाने के लिए अरुण सिंह पहले जयपुर में युवा मोर्चा के विरोध कार्यक्रम में शामिल होंगे और इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों के साथ सालासर जाएंगे।

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