उन्होंने बताया कि 21 जून, 2024 को फर्जी दस्तावेजों एवं बायोमेट्रिक का उपयोग कर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की खबर प्रकाशित होने पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, नई दिल्ली से आधार कार्ड के संबंध में जांच करवाई गई।
सांचौर जिले में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले ई -मित्र संचालकों के विरुद्ध 2 प्रकरण दर्ज किये गए। इनमें से एक प्रकरण में जांच के दौरान आधार कार्ड का नामांकन रजिस्ट्रार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधीन कार्यरत ऑपरेटर कन्हैयालाल की आई डी से होना पाया गया।
प्रकरण में संलिप्त ई -मित्र एवं आधार संचालकों के खिलाफ 21 जून 2024 को पुलिस थाना सरवाना, जिला सांचौर में पुलिस प्राथमिकी संख्या-63 दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की गई।
पटेल ने कहा कि इस प्रकरण में अनुसन्धान सीबीआई को स्थान्तरित किये जाने के लिए अधिसूचना एवं आवश्यक सूचनायें अनुरोध पत्र के साथ केंद्र सरकार को भेज दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में नामजद आरोपी तोगाराम, गणपत सिंह व कन्हैया लाल फरार हैं, जिनकी तलाश कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
सांचौर जिले के दूसरे प्रकरण में चितलवाना थाने में मुकदमा संख्या 209/2023 दर्ज कर आरोपी मनोहर लाल को 21 जून 2024 को अपराध प्रमाणित पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया।
अन्य अभियुक्त विकास निवासी राजीवनगर, रमेश निवासी सांगवड़ा एवं सुनील निवासी चितलवाना की गिरफ्तारी शेष है एवं मामले का अनुसंधान जारी है।
उन्होंने बताया कि सांचौर जिले में ई-मित्र संचालकों एवं आधार केंद्रों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी ई-मित्र या आधार केन्द्र संचालक के फर्जी आधारकार्ड बनाने में संलिप्तता पाए जाने पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।
पटेल ने जानकारी दी कि बाड़मेर एवं जालोर में आधार केंद्रों द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनाये जाने के संबंध में कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है और इस दिशा में सतत निगरानी जारी है।
उन्होंने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा तकनीकी स्तर से की गई जांच के बाद 14 आधार ऑपरेटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रजिस्ट्रार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा इन आधार ऑपरेटर्स की आधार मशीनों को डी-रजिस्टर कर बंद कर दिया गया है एवं प्राधिकरण के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।