ज़ीनत अमान की सबसे बड़ी सफलता 1970 और 1980 के दशकों में आई, जब उन्होंने अपने अभिनय के अलावा अपनी बेबाक़ शैली और फ़ैशन के लिए भी प्रसिद्धि पाई। उन्होंने "सिलसिला" (1981), "कुर्बानी" (1980), "दोस्ती" (1979), और "चुपके चुपके" (1975) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया।
कुर्बानी फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया किरदार आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है। उनके द्वारा फिल्म में गाए गए गाने "लैला ओ लैला" को आज भी बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर ट्रैक के तौर पर जाना जाता है। ज़ीनत अमान का स्टाइल, उनकी आँखों की चमक, और उनकी क्यूटनेस ने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई।
ज़ीनत अमान सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री ही नहीं बल्कि एक फैशन आइकन भी रही हैं। उनका पहनावा, उनका मेकअप और उनका अंदाज एक अलग ही स्तर पर था। 70 और 80 के दशक में बॉलीवुड की अभिनेत्रियों के लिए उनका फैशन एक नई दिशा निर्धारित करता था।
उनका व्यक्तिगत जीवन भी मीडिया में चर्चा का विषय रहा। ज़ीनत अमान ने अभिनेता महेश भट्ट और बाद में सिंगर और अभिनेता मियां ज़किर के साथ अपने रिश्तों को लेकर मीडिया में काफी सुर्खियाँ बटोरीं। इसके बावजूद, उन्होंने अपने करियर को प्राथमिकता दी और कई महत्वपूर्ण फिल्मों में अभिनय किया।
आज के समय में ज़ीनत अमान फिल्मों से दूर हैं, लेकिन उनका नाम आज भी इंडस्ट्री में सम्मान से लिया जाता है। उन्होंने जो योगदान बॉलीवुड को दिया है, वह अनमोल है। सोशल मीडिया पर भी वह अपने फैंस से जुड़े रहती हैं और उनकी जिंदगी के अनुभवों से प्रेरणा मिलती है।
ज़ीनत अमान ने अपनी अभिनय यात्रा में जो विविधता दिखाई, वह बहुतों के लिए प्रेरणादायक है। वह उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने अपने समय के मापदंडों को चुनौती दी और फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की भूमिका को नया दृष्टिकोण दिया।