जोधपुर | राजस्थान में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने एक बड़ी पहल की है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब जोधपुर की सड़कों पर रोडवेज की इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी।
जोधपुर में रोडवेज की ई-बसें: राजस्थान रोडवेज का बड़ा धमाका: जोधपुर को मिलेंगी 20 इलेक्ट्रिक बसें, प्रदूषण मुक्त होगा अजमेर रूट
राजस्थान रोडवेज पर्यावरण संरक्षण के लिए जोधपुर में 20 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। ये बसें मुख्य रूप से व्यस्त अजमेर रूट पर संचालित की जाएंगी, जिससे प्रदूषण में भारी कमी आने की उम्मीद है।
HIGHLIGHTS
- जोधपुर डिपो को जल्द ही 20 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने वाली है।
- इन बसों को प्राथमिकता के आधार पर जोधपुर-अजमेर रूट पर चलाया जाएगा।
- डिपो परिसर में चार्जिंग स्टेशन के लिए 33 केवी बिजली कनेक्शन की मांग की गई है।
- इस पहल से डीजल पर निर्भरता कम होगी और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
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जोधपुर को मिलेंगी 20 नई बसें
राज्य मुख्यालय के निर्देशानुसार, रोडवेज ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रस्तावित योजना के तहत जोधपुर डिपो को प्रथम चरण में 20 इलेक्ट्रिक बसें मिलने का अनुमान है। इन बसों का मुख्य उद्देश्य शहर के व्यस्त और प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ परिवहन उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधा भी मिलेगी।
अजमेर रूट को मिलेगी प्राथमिकता
जोधपुर डिपो को मिलने वाली इन नई इलेक्ट्रिक बसों को मुख्य रूप से अजमेर रूट पर संचालित किया जाएगा। जोधपुर और अजमेर के बीच यात्रियों का भारी दबाव रहता है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ई-बसों के चलने से दो प्रमुख शहरों के बीच का सफर अधिक सुविधाजनक, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा। यात्रियों को अब शोर और धुएं से मुक्ति मिलेगी, जिससे यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।
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विकसित होगा चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर
इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए रोडवेज प्रबंधन आधारभूत ढांचे पर काम कर रहा है। जोधपुर डिपो परिसर में ही आधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए रोडवेज ने जोधपुर डिस्कॉम से 33 केवी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होने के बाद ही बसों की चार्जिंग और मेंटेनेंस का काम शुरू हो सकेगा।
ग्रीन एनर्जी और प्रदूषण मुक्ति का लक्ष्य
इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में शामिल होने से राजस्थान सरकार के 'ग्रीन एनर्जी' लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। डीजल बसों पर निर्भरता कम होने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक मोटर शांत होती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। यह पहल जोधपुर को एक स्वच्छ और हरित शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
जोधपुर डिपो की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में जोधपुर डिपो के बेड़े में कुल 105 बसें शामिल हैं। इनमें 72 रोडवेज की अधिकृत बसें हैं, जो ब्लूलाइन और थ्री-बाय-टू कैटेगरी की हैं। इसके अलावा डिपो में 2 स्लीपर बसें (अनुबंध पर), 3 स्टारलाइन टू-बाय-टू बसें और 28 अन्य ब्लूलाइन बसें संचालित हो रही हैं। अब ई-बसों के आने से यह बेड़ा और भी आधुनिक हो जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें
ये नई इलेक्ट्रिक बसें जीपीएस, पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरों जैसी सुरक्षा सुविधाओं से लैस होंगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय विशेष गाइडलाइन तैयार कर रहा है। इन बसों का किराया भी प्रतिस्पर्धी रखे जाने की संभावना है, ताकि आम जनता को सस्ती और अच्छी परिवहन सेवा मिल सके। जल्द ही इनका ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है।
भविष्य की योजनाएं
रोडवेज मुख्यालय की योजना है कि धीरे-धीरे सभी प्रमुख डिपो में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाए। जोधपुर के बाद अन्य बड़े शहरों को भी इसी तरह के ई-बस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में रोडवेज के बेड़े का एक बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल दिया जाए। इससे न केवल पर्यावरण बचेगा बल्कि निगम के राजस्व में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष
जोधपुर में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत एक स्वागत योग्य कदम है। यह न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने में भी मदद करेगी।
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