शंकर परणीजे
आज से पांच दस -साल पहले तक स्त्रियों में इतनी उत्सुकता थी कि बेचारी दुल्हन घूंघट उठा उठाकर हैरान हो जाती थी। इतने से भी काम चल जाता तो गनीमत मगर वे त...
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आज से पांच दस -साल पहले तक स्त्रियों में इतनी उत्सुकता थी कि बेचारी दुल्हन घूंघट उठा उठाकर हैरान हो जाती थी। इतने से भी काम चल जाता तो गनीमत मगर वे त...
एक और चीज जिसमें हमने फूल को जिंदा रखा वह है-'फूल्या'। वही फूल्या जो ज्वार और मक्की को तिड़काकर बनाए जाते हैं। वही फूल्...
- 6 मार्च को होलिका दहन किया जा रहा है। - राजस्थान में मंगलवार को धुलंडी पर रंग गुलाल का रंग चढ़ेगा। - होलिका दहन का...
मगर गुस्सा निकालने का शिष्ट तरीका भी कोई मुरधर की मरवणियों से सीखे। अश्लील तो दूर, अशुभ भी न बोलेगी पर झुंझलाहट तो हो रह...