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🏷️ neelu shekhawat

71 खबरें मिलीं

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यहूदी

यहूदियों से घृणा और मजाक के किस्सों से यूरोपीय साहित्य भरा पड़ा है। हमारे पहले प्रधानमंत्री हेरो में पढ़ाई के दौरान स्वी...

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जय करणी किनियाणी

क्षत्रिय जाति सदा से ही शक्ति की उपासक रही है। किंतु राजस्थान में पवित्र चारण कुल में जन्मीं शक्ति साधिकाएं भी शक्तिस्वर...

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शेखाटी का माळ और नाळ

सर्दियों में इन क्यारों में खड़े पाणत्या की स्थिति क्या होती होगी और गर्मियों में कील्या की दशा की कल्पना सहज संभव नहीं।...

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समन्वयी संस्कृति और राष्ट्रबोध

गंगा को परिभाषित कर पाना कठिन है,इसलिए नहीं कि वह गंगा है बल्कि इसलिए कि वह प्रवाहमती है। प्रवाह को कोई क्या नाम देगा? ब...

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पतासी बाई

वह गीतों का ज्यूकबॉक्स थी। लोक प्रचलित और स्वनिर्मित गीतों की पोटली कह लें। जहां बैठती बस गीत ही गीत बिखरते किंतु बेकद्र...

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गुम्पा

राहुल जी व  तिब्बती धर्म पर लिखने वाले अन्य विद्वान शांतरक्षित को पद्मसंभव के गुरू और तिब्बत में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्...

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अवधूत कवि का आखरलोक

सोशल मीडिया के दौर से पूर्व तक लेखक और पाठक में पर्याप्त दूरी हुआ करती थी। पाठक लेखक को विभोर होकर पढ़ा करते थे। पाठक के...

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हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता

इसी जहर के शिकार हुए अधिकांश राजे-रजवाड़े और एक बहुआयामी व्यक्तित्व  जो न केवल योग्य प्रशासक थे अपितु जबरदस्त आत्मविश्वा...

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अरुण देश की ओर 

एक लड़की खुशी से अपने फोन में अपने मारवाड़ी प्रेमी का फोटो दिखाती है जिससे भविष्य में विवाह करना चाहती है।  हमारा पडौ़सी...

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जाओ ठाकुर! भूल जायेंगे..

राजपूत की रेखाएं बड़े रूखेपन से खींची गई है। उसके एक हाथ में तलवार तो दूजे हाथ में कस्सी-कुल्हाड़ी रही। युद्धकाल में तलव...

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हंगामा क्यूं है बरपा...

कुशल शासन प्रबंधन पढ़ाना ही है तो राजपूताना का पढ़िए जहां के शासकों ने भीषण युद्धों में जन-धन की अनवरत हानि सहते हुए भी...

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घी मूंगां में ही ढुळसी..

एक जमाना था जब इन पर तेजा, चिरजां और फागण बजते थे। हिंदी गीत-संगीत नहींवत् बजता है इनपर, कह लीजिए अघोषित बहिष्कार। लेकिन...

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कद की कीरत...

लोकेंद्र सिंह जी अकसर गोठ में आते थे  इसलिए उन्हें ज्यादा देखने-सुनने का मौका ही न मिल पाता क्योंकि अधिकांश राजपूत घरों...

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