जयपुर। लोकसभा चुनाव के मतगणना के दौरान लॉ एंड ऑर्डर (Law and Order) बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। प्रदेश के सभी लोकसभा चुनाव क्षेत्र में करीब 75 हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही मतगणना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय घेरे में रहेगी।
मतगणना: मतगणना को लेकर प्रदेश में सुरक्षा की होगी त्रिस्तरीय व्यवस्था
विजयी जुलूस पर रहेगी रोक, 75000 पुलिसकर्मी होंगे तैनात
HIGHLIGHTS
- लोकसभा चुनाव के मतगणना के दौरान लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारी की
- काउंटिंग सेंटर में स्ट्रांग रूम से काउंटिंग रूम में ईवीएम को ले जाने का सारा कार्य सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ़) के नेतृत्व में |
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महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था विशाल बंसल ने बताया कि मंगलवार को राजस्थान में सभी 25 लोकसभा चुनाव क्षेत्र में काउंटिंग का कार्य किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों चाहे वहां काउंटिंग होनी हो या नहीं, पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया है। जिस जिले में काउंटिंग हो रही है उसे जिले में आरएसी एवं अन्य पुलिस बल को अतिरिक्त रूप में लगाया है।
एडीजी (ADG) विशाल बंसल ने बताया कि मतगणना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था तीन लेयर की प्लान की गई है। काउंटिंग सेंटर में स्ट्रांग रूम से काउंटिंग रूम में ईवीएम (EVM) को ले जाने का सारा कार्य सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के नेतृत्व में किया जाएगा। आउटर एरिया में आरएसी (RS) के पास और उसके बाहर पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालेगे।
बंसल ने बताया कि भारी संख्या में सादा वस्त्रों में पुलिस कर्मियों को नियोजित किया गया है जो पूरे क्षेत्र में और काउंटिंग एरिया (counting area) के आसपास निगरानी रखेंगे। सोशल मीडिया के लिए भी हमने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सभी जिलों में सोशल मीडिया (Social Media) पर सख्त निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार का अवांछित टिप्पणी एवं कमेंट (Comment) आदि पर तुरंत ऐसे सामाजिक व्यक्तियों के खिलाफ एक्शन लिया जा सके।
एडीजी (ADG) ने बताया कि परिणाम जारी होने के बाद किसी प्रकार का विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा। काउंटिंग हो जाने और उसका परिणाम घोषित (result declared) हो जाने के बाद कैंडिडेट को पूर्ण सुरक्षा के साथ उनके ऑफिस या घर पर ले जाया जाएगा और साथ में अन्य किसी को भी सुरक्षा की जरूरत है तो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बंसल ने बताया कि जिले के सेंसिटिव एरिया (sensitive area), जहां पर काफी लोगों के इकट्ठा होने या आपस में टकराव होने की संभावना है वहां पर स्पेसिफिक प्वाइंट (specific point) पर स्ट्राइक फोर्स रखी जाएगी। मतगणना एवं उसके बाद किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना ना हो, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
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