New Delhi | भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। नॉर्वे के फोर्डे में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 48kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल हासिल किया है। चानू ने कुल 199kg (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर यह शानदार उपलब्धि अपने नाम की। यह मीराबाई का वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीसरा मेडल है, जो उनकी निरंतरता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
मीराबाई ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर: वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप: मीराबाई चानू ने 48kg कैटेगरी में जीता सिल्वर, बनाया तीसरा वर्ल्ड मेडल
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने नॉर्वे में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 48kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने कुल 199kg वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की।
HIGHLIGHTS
- मीराबाई चानू ने नॉर्वे में 48kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने कुल 199kg (84kg स्नैच + 115kg क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया। यह चानू का तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल है; 2017 में गोल्ड, 2022 में सिल्वर। उत्तर कोरिया की रि सोंग गुम ने 213kg उठाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड जीता।
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शानदार वापसी और टोक्यो ओलिंपिक की यादें
प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में मीराबाई को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, जहां वह 87kg के अपने दो प्रयासों में असफल रहीं। हालांकि, क्लीन एंड जर्क में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और अपने तीनों प्रयास (109 किग्रा, 112 किग्रा और 115 किग्रा) को आसानी से सफलतापूर्वक पूरा किया। यह खास बात है कि मीराबाई ने आखिरी बार 115kg का वजन 2021 टोक्यो ओलिंपिक में उठाया था, जहां उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर उनकी क्षमता और बड़े मंच पर दबाव को संभालने की कला को साबित किया है।
गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं का प्रदर्शन
इस प्रतियोगिता का गोल्ड मेडल उत्तर कोरिया की रि सोंग गुम के नाम रहा। रि सोंग गुम ने कुल 213kg (91 किग्रा स्नैच + 122 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जो अपने आप में एक असाधारण प्रदर्शन था। उनके अंतिम दो प्रयास 120kg और 122kg के थे। वहीं, मुकाबले का ब्रॉन्ज मेडल थाईलैंड की थनयाथोन सुक्चारो ने जीता, जिन्होंने 198 किग्रा (88 किग्रा स्नैच + 110 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया।
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चानू का तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
मीराबाई चानू के लिए यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीसरा मेडल है। इससे पहले, वह 2017 में वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं और 2022 में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। यह लगातार तीसरा मौका है जब उन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पोडियम पर जगह बनाई है, जो उनकी विश्व स्तरीय वेटलिफ्टर के रूप में पहचान को और मजबूत करता है।
कैटेगरी में बदलाव और पेरिस ओलिंपिक की तैयारी
31 वर्षीय चानू पहले 49 किलो वर्ग में वेटलिफ्टिंग करती थीं। हालांकि, 2024 के पेरिस ओलिंपिक में 49 किलो वर्ग को हटा दिया गया है, जिस वजह से उन्हें 48 किलो वर्ग में शिफ्ट होना पड़ा। यह बदलाव उनके लिए एक नई चुनौती लेकर आया है, लेकिन उन्होंने इस नई कैटेगरी में भी अपनी क्षमता साबित की है। एक महीने पहले, 25 अगस्त को अहमदाबाद में हुए कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भी उन्होंने 48kg वेट कैटेगरी में 193 KG वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता था।
पर्सनल बेस्ट से अभी दूर, पर उम्मीदें कायम
चानू पेरिस ओलिंपिक के बाद पहली बार किसी इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उतरी थीं। 2020 टोक्यो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट चानू पेरिस ओलिंपिक में मेडल जीतने से चूक गई थीं, तब वे चौथे स्थान पर रही थीं। वर्तमान में, चानू अभी अपने पर्सनल बेस्ट से थोड़ी दूर हैं। स्नैच में उनका पर्सनल बेस्ट 88kg और क्लीन एंड जर्क में 119kg है, जिससे उनका कंबाइंड पर्सनल बेस्ट 207kg बनता है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में 199kg वेट उठाकर उन्होंने पेरिस ओलिंपिक के अपने प्रदर्शन की बराबरी की है, जबकि टोक्यो ओलिंपिक में उन्होंने 202kg वेट उठाया था। यह प्रदर्शन पेरिस ओलिंपिक 2024 के लिए उनकी तैयारियों को एक नई दिशा देगा।
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