अजमेर: अजमेर (Ajmer) में गरीब नवाज (Garib Nawaz) के 814वें उर्स (Urs) के मौके पर संदल उतारा गया और जन्नती दरवाजा (Jannati Darwaza) खोल दिया गया है। चांद (Moon) दिखाई देने पर आज रात से उर्स की शुरुआत होगी।
Rajasthan: अजमेर उर्स: संदल उतारा, जन्नती दरवाजा खुला; आज से शुरुआत
अजमेर (Ajmer) में गरीब नवाज (Garib Nawaz) के 814वें उर्स (Urs) के मौके पर संदल उतारा गया और जन्नती दरवाजा (Jannati Darwaza) खोल दिया गया है। चांद (Moon) दिखाई देने पर आज रात से उर्स की शुरुआत होगी।
HIGHLIGHTS
- संदल उतारा गया और जायरीनों में तकसीम किया गया। जन्नती दरवाजा जायरीनों के लिए खोल दिया गया है। चांद दिखने पर आज रात से उर्स की विधिवत शुरुआत होगी। उर्स के दौरान विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी।
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गरीब नवाज के 814वें उर्स के मौके पर शनिवार रात को खुद्दाम ए ख्वाजा ने मजार शरीफ पर साल भर चढ़ाया संदल उतारा। इस पवित्र संदल को जायरीन में तकसीम किया गया।
इसी के साथ जायरीनों के लिए जन्नती दरवाजा भी खोल दिया गया है, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रजब का चांद नजर आने पर आज रात से उर्स की विधिवत शुरुआत हो जाएगी।
संदल उतारने की परंपरा और जन्नती दरवाजा
जमादिउस्सानी माह की 28 तारीख को देखते हुए यह परंपरा निभाई गई। मजार शरीफ की रात की खिदमत के वक्त संदल उतारा गया।
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खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी और अंजुमन के उर्स कन्वीनर सैयद हसन हाशमी सहित अन्य खुद्दाम इसे जायरीन में तकसीम करते नजर आए। यह नजारा देखने लायक था।
रविवार तड़के जन्नती दरवाजा जायरीनों के लिए खोल दिया गया। सालभर में यह दरवाजा चार बार खुलता है, लेकिन उर्स में यह सबसे ज्यादा 6 दिनों के लिए खुला रहता है।
अन्य मौकों में ईद-उल-फितर, बकरा ईद और ख्वाजा साहब के गुरु हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स के मौके पर यह दरवाजा खुलता है। परंपरा के अनुसार, यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है।
जन्नती दरवाजे पर सालभर जायरीन अपनी मन्नत का धागा बांधते हैं। दरवाजा खुलने के बाद से ही दरगाह में जायरीनों की आवक बढ़ जाती है।
जियारत को आने वाले जायरीन जन्नती दरवाजे से होकर गुजरने के लिए बेकरार नजर आते हैं। वे सिर पर मखमल की चादर और फूलों की टोकरी लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
कब से होगी उर्स की शुरुआत?
हाशमी ने बताया कि रविवार को चांद की 29 तारीख है। तड़के 4:30 बजे जन्नती दरवाजा जियारत के लिए खोल दिया गया था।
मगरिब की नमाज के बाद हिलाल कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक होगी। शहर काजी मौलाना तौसीफ अहमद सिद्दीकी की सदारत में यह बैठक होगी।
इस बैठक में चांद दिखाई देने या नहीं देने का फैसला लिया जाएगा। इसी फैसले पर उर्स की शुरुआत निर्भर करेगी।
इधर, उर्स की महफिल दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान की सदारत में महफिल खाना में होगी। रजब का चांद होने पर रविवार रात को पहली महफिल होगी।
मध्य रात्रि को मजार शरीफ को पहला गुस्ल दिया जाएगा। यदि चांद नहीं दिखता है, तो यह सभी आयोजन अगले दिन से शुरू होंगे।
उर्स के दौरान विशेष ट्रैफिक व्यवस्था
उर्स के दौरान अजमेर में जायरीन की भारी भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है।
यह यातायात व्यवस्था 21 से 30 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में वाहनों का संचालन और पार्किंग इसी व्यवस्था के अनुरूप की जाएगी।
पुलिस की आमजन से अपील
यातायात पुलिस ने आमजन और जायरीनों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि अपने वाहन सड़क अथवा सड़क के किनारे पार्क न करें।
सभी वाहन संबंधित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े किए जाएं। यह व्यवस्था सुचारु यातायात के लिए आवश्यक है।
व्यापारियों से भी अपील की गई है कि वे मेला अवधि के दौरान दुपहिया वाहनों का प्रयोग करें। अपने दुपहिया वाहनों को भी निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें।
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