भरतपुर | राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां रुदावल थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से करीब 20 गायों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब गायों का एक बड़ा झुंड रेलवे ट्रैक पर खड़ा था। ट्रेन उन्हें रौंदती हुई निकल गई जिससे मौके पर ही भारी तबाही मच गई और पशुओं के शव बिखर गए।
भरतपुर में ट्रेन की चपेट में आने से 20 गायों की मौत: राजस्थान के भरतपुर में दर्दनाक हादसा तेज रफ्तार ट्रेन ने 20 गायों को रौंदा मची चीख पुकार
भरतपुर के रुदावल थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से करीब 20 गायों की मौत हो गई है। यह हादसा सुबह के वक्त हुआ जब गायों का झुंड रेलवे ट्रैक पर खड़ा था।
HIGHLIGHTS
- भरतपुर के रुदावल क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रेन ने 20 गायों को रौंदा। हादसा तड़के 4 से 5 बजे के बीच चुरारी डांग के पास हुआ। रेलवे कर्मचारियों ने ट्रैक से गायों के शवों को हटाकर रास्ता साफ किया। स्थानीय ग्रामीणों ने बेसहारा गोवंश को गौशाला भेजने की मांग उठाई।
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सुबह के अंधेरे में हुआ भीषण हादसा
स्थानीय निवासी हेम सिंह कुशवाहा के अनुसार यह घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच की है। आगरा की ओर से एक ट्रेन बयाना की तरफ काफी तेज गति से जा रही थी। नगला तुला और बंसी पहाड़पुर के बीच चुरारी डांग के पास अंधेरे में गायों का झुंड ट्रैक पर मौजूद था। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि झुंड में मौजूद सभी गायें इसकी चपेट में आ गईं। हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर गायों के शव क्षत-विक्षत हालत में दूर तक बिखर गए थे। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोग दहल गए और तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई।
रेलवे कर्मचारियों ने साफ कराया ट्रैक
सूचना मिलते ही रेलवे विभाग के कर्मचारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद मृत गायों के अवशेषों को ट्रैक से हटाकर रेल मार्ग साफ कराया। फिलहाल रेलवे के उच्च अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी भेज दी गई है। अधिकारियों के पहुंचने के बाद मृत गोवंश को सम्मानपूर्वक दफनाने की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन द्वारा शुरू की जाएगी।
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ग्रामीणों में भारी आक्रोश और मांग
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बेसहारा गोवंश किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं जिससे वे परेशान हैं। खेतों से भगाए जाने के बाद ये गायें अक्सर रेलवे ट्रैक के पास ही अपना नया ठिकाना बना लेती हैं। यही असुरक्षित स्थान अब उनकी मौत का सबसे बड़ा कारण बन रहा है जो चिंताजनक है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इन बेसहारा पशुओं को तत्काल गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए। इससे भविष्य में ऐसे खौफनाक हादसों को रोका जा सकेगा और पशुओं की जान बचेगी।
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