मल्लिका ए गजल बेगम अख्तर जब गाती थीं तो जमाना ठहरकर सुनता था
बेगम अख्तर की तकदीर उन्हें इस महफ़िल में ले आई थी। 1949 में एक शो बिहार में आये भूकम्प पीड़ितों के लिए चंदा जुटाने के लिए...
बेगम अख्तर की तकदीर उन्हें इस महफ़िल में ले आई थी। 1949 में एक शो बिहार में आये भूकम्प पीड़ितों के लिए चंदा जुटाने के लिए...
पढ़ाई में हमेशा फिसड्डी और खेलकूद में हमेशा आगे रहने वाले टिम्मी साहिब भारतीय सेना के सबसे लोकप्रिय जनरल थे। वे सेना में...
माज़ी का दर्द और इश्क़ के अफ़साने शायर की कलम ,उसके गज़ल कहने के अन्दाज़ को बिल्कुल अलग, उम्दा और खास बना देते है। यह शे...
बाल्जाक एक विकट लेखक थे वो भी इतने विकट की अक्सर बिना खाए पिए वो लगातार लिखते रहते।इसके कारण वो स्वास्थ्य समस्याओं से जू...
एक ट्वीटर स्पेस कार्यक्रम में भरतपुर के युवराज कुंवर अनिरुद्धसिंह द्वारा अपनी जाति के वर्तमान और इतिहास पर जानकारी देने...
नीलू की कलम से जड़ों से जुड़े विषयों पर मौलिक लेखन जो सीधा पाठक का जुड़ाव कराता है। नीलू अपने लेखन में शब्दों से तस्वीर...
युवक आत्मविश्वास के साथ दनदनाता हुआ गया और बातचीत करके ठरके से लौटा तो सूट-बूट वालों के चेहरे उतरे हुए थे और हिज हाईनेस...
लोग हमसे भी अपने विचार रखने को कह रहे हैं। उन्हें अपेक्षा है कि मैं 'आधुनिक मीरा' शीर्षक से बहुत बड़ा लेख लिखूंगी। 'अहो'...
चादर ओढ़े हुए स्त्री-पुरुष वैसे भी आकर्षक लगते हैं फिर बल्डी और पट्टूडे़ के तो कहने ही क्या। बल्डी में रंग और पैटर्न सी...
राबड़ी सर्वथा त्रिदोष रहित है क्योंकि वात का शमन बाजरी करती है, पित का शमन छाछ और कफ का शमन सांभरिया लूण। राबड़ी नितांत...
आंखें देख नहीं पा रहीं, आवाज़ देने पर भी दिमाग का क्रोनोमीटर उसे बता नहीं पा रहा कि यह मिथिलेश है जिसके साथ उसने दर्जनों...
सच पूछिए तो ये पट्टे वाले प्राणी कुत्ते जैसे लगते भी नहीं। कुत्तों की अपनी एक बिरादरी है पूरी ठसकदार और खानदानी। ठसक देख...
मैंने वादा किया था, मैं लिखूंगा। लगातार लिखूंगा। लिखना बचाता है, इसलिए। संजीदगी से लिखा क्या? वह कौन सा लिखा- पढ़ा है मे...
यह कवि है रवींद्र भारती। बहुत दूर रहते हुए भी जो हमारे बेहद करीब होने की प्रतीति दिलाता है- किसी खेत, किसी खलिहान, किसी...