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राजस्थान

नागौर:: जोधियासी में महाराजा सूरजमल मूर्ति पर भारी तनाव

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राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) जिले के जोधियासी गांव (Jodhiyasi Village) में महाराजा सूरजमल (Maharaja Surajmal) की मूर्ति स्थापना को लेकर भारी तनाव है। बिना अनुमति मूर्ति लगाने के प्रयास पर ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और आरएसी (RAC) तैनात की गई।

HIGHLIGHTS

  • नागौर के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति स्थापना को लेकर तनाव। बीती रात बिना प्रशासनिक अनुमति के मूर्ति लगाने का प्रयास। ग्रामीणों ने इसे स्थानीय राजनीति से प्रेरित 'स्वार्थ' बताया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और आरएसी की तीन कंपनियां तैनात।
nagaur jodhiyasi maharaja surajmal statue tension police deployed
symbolic image

नागौर: राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) जिले के जोधियासी गांव (Jodhiyasi Village) में महाराजा सूरजमल (Maharaja Surajmal) की मूर्ति स्थापना को लेकर भारी तनाव है। बिना अनुमति मूर्ति लगाने के प्रयास पर ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और आरएसी (RAC) तैनात की गई।

नागौर जिले के श्री बालाजी थाना क्षेत्र के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाने को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सोमवार रात को चोरी-छिपे मूर्ति स्थापित करने की कोशिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएसी) की तीन कंपनियां तैनात करनी पड़ीं।

आधी रात को मूर्ति स्थापना का प्रयास

घटना सोमवार रात करीब 1 बजे की है। सूत्रों के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और ग्राम पंचायत की सहमति के जोधियासी गांव के एक चौराहे पर महाराजा सूरजमल की मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया। सुबह लगभग 5-6 बजे जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, तो बड़ी संख्या में लोग चौराहे पर एकत्रित हो गए और मूर्ति लगाने के इस कदम का कड़ा विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप: राजनीतिक स्वार्थ

विरोध कर रहे ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि मूर्ति लगाने के पीछे कोई धार्मिक आस्था या श्रद्धा नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति से प्रेरित 'स्वार्थ' छिपा है। उनका तर्क है कि यह स्थान सार्वजनिक है और किसी भी प्रकार की स्थायी संरचना या मूर्ति स्थापित करने से पहले जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत की आधिकारिक सहमति लेना अनिवार्य होता है, जिसका इस मामले में पूरी तरह उल्लंघन किया गया है।

पहले भी हो चुका है विरोध

स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस स्थान पर मूर्ति लगाने की कोशिश की गई है। इससे पहले भी कुछ समूहों द्वारा इसी स्थान पर मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया गया था, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध होने के बाद उस प्रयास को रोक दिया गया था। यह घटना एक बार फिर से उसी विवाद को पुनर्जीवित कर रही है।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

विरोध और तनाव बढ़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नागौर प्रशासन ने जोधियासी गांव में अतिरिक्त पुलिस बल भेजने का निर्णय लिया। वर्तमान जानकारी के अनुसार, गांव में इस समय तीन कंपनी आरएसी सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित हैं और स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। फिलहाल, मूर्ति स्थल के पास ग्रामीणों का धरना जारी है और पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत करके मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। 

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