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राजस्थान

NIA ने विशाल पचार पर चार्जशीट दाखिल की: NIA ने पाकिस्तान से जुड़े हथियार-ड्रग्स रैकेट मास्टरमाइंड पर चार्जशीट

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाले अंतरराज्यीय हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी रैकेट के मास्टरमाइंड विशाल पचार (Vishal Pachar) के खिलाफ जयपुर (Jaipur) की विशेष NIA अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। यह रैकेट पाकिस्तान (Pakistan) से ऑपरेट हो रहा था।

HIGHLIGHTS

  • NIA ने विशाल पचार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। रैकेट पाकिस्तान से संचालित हो रहा था, ड्रोन का इस्तेमाल। गिरोह का मकसद भारत में अस्थिरता फैलाना और युवाओं को नशे का आदी बनाना। जांच में कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना।
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जयपुर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाले अंतरराज्यीय हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी रैकेट के मास्टरमाइंड विशाल पचार (Vishal Pachar) के खिलाफ जयपुर (Jaipur) की विशेष NIA अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। यह रैकेट पाकिस्तान (Pakistan) से ऑपरेट हो रहा था।

एजेंसी ने शुक्रवार को यह सनसनीखेज चार्जशीट दायर की है। इसमें पचार पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह मामला देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क

NIA की जांच में सामने आया है कि विशाल पचार और उसका पूरा गैंग सुनियोजित तरीके से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब जैसे संवेदनशील उत्तरी राज्यों में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी का एक विशाल नेटवर्क चला रहा था। इस गिरोह के तार सीधे पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटर्स से जुड़े हुए थे। ये पाकिस्तानी हैंडलर्स ही भारत में हथियारों, गोला-बारूद और हेरोइन जैसी खतरनाक नशीली दवाओं की आपूर्ति करते थे।

तस्करी के लिए यह गैंग आधुनिक और हाई पावर वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा था। ये ड्रोन सीमावर्ती इलाकों के पास भारतीय क्षेत्र में खेप गिराते थे। इसके बाद, गिरोह के सदस्य इन खेपों को भारतीय सीमा के अंदरूनी हिस्सों में लाकर आगे के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए भेजते थे। इस तरीके से वे सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचते थे।

NIA की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि इस गिरोह की मंशा देश की सुरक्षा को दांव पर लगाने की थी। आरोपी गिरोह के सदस्य पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए केवल अवैध विदेशी हथियार खरीदते थे। तस्करी में शामिल लोग पकड़ में आने से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन चैनल्स का इस्तेमाल करते थे।

इसके अलावा, सीमा पार कूरियर नेटवर्क का एक जटिल जाल बिछाया गया था। NIA के अनुसार, इस पूरे अपराध के पीछे एक बेहद खतरनाक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। जांच में पाया गया है कि इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य भारत में असंतोष और अस्थिरता फैलाना था। इससे भी गंभीर बात यह है कि इनका एक लक्ष्य देश के युवाओं को नशीली दवाओं का आदी बनाकर उनके भविष्य को बर्बाद करना था।

कई बड़े नाम सामने आने की संभावना

NIA अभी भी इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जा रही है। एजेंसी ने दावा किया है कि इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों और संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। सूत्रों के मुताबिक, मास्टरमाइंड विशाल पचार ने पूछताछ में कई लोगों के नाम उजागर किए हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए NIA की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे और गिरफ्तारियां होंगी, इस संगठित अपराध नेटवर्क के कई अन्य पहलू सामने आ सकते हैं। विशाल पचार से अभी भी पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किस माध्यम से हथियार भारत लाता था और अभी तक उसने किस-किस को ये घातक हथियार बेचे हैं। यह जांच देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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