अजमेर | अजमेर की रहने वाली हर्षिका बत्रा ने मिस राजस्थान-2024 का टाइटल जीता है। वो कहती हैं- मुझे जूरी ने फाइनल से 7 दिन पहले नकार दिया था। मैंने हफ्तेभर में वॉक (walk) सीखी और इस टाइटल को जीता है। मॉडलिंग (Modeling) शुरू की तो लोगों ने ताने मारे, कहते छोटे कपड़े मत पहना करो ठीक नहीं लगता।
लेकिन, परवरिश अच्छी हो तो कपड़े मायने नहीं रखते। आपको खुद को प्रूफ करने की जरूरत वहां है जो लोग आप पर भरोसा करते हैं। मुझपर मेरे पेरेंट्स को पूरा भरोसा था इसलिए मॉडलिंग के लिए हां की और उन्हीं के कारण मैं मिस राजस्थान का ख़िताब जीत पाई।

संबंधित खबरें
कपड़ों को लेकर जज मत कीजिए

हर्षिका (harshika) कहती हैं छोटे शहर से आकर जयपुर में खिताब जीतना मेरे लिए सपने की तरह है। वह कहती है- इस प्रोफेशन में आने के लिए पेरेंट्स का काफी सहयोग रहा। दोनों ने मुझपर पर काफी ट्रस्ट किया था। कई लोग पुराने ख्यालात के होते हैं। वह लोग कहते हैं कि छोटे कपड़े मत पहना करो, अच्छा नहीं लगता है। सोसाइटी में लोग क्या बोलेंगे? ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही नहीं हुआ होगा।
संबंधित खबरें

आज की पीढ़ी में यह सभी के साथ होता है। आज की पीढ़ी ट्रेंड फॉलो करती है। लेकिन, परवरिश अच्छी हो तो कपड़ों ने किसी को जज नहीं किया जा सकता है। कल को अगर कोई राह चलते मुझे मेरे पोशाक को लेकर कुछ कहे तो मैं जवाब देना भी जानती हूं। ये हर लड़की को करना चाहिए।
मिस इंडिया का टाइटल जीतना चाहतीं हैं
संबंधित खबरें

मिस राजस्थान 2024 का खिताब जीतने वाली हर्षिका बत्रा (harshika batra) अजमेर के वैशाली नगर में रहती हैं। उनके पिता हरवंश बत्रा प्रॉपर्टी कारोबारी है। उनकी मां लिलिना ग्रीस (lilina garis) बीजेपी में पूर्व मायनोरिटी कमेटी में मेंबर रह चुकी हैं।
हर्षिका बत्रा की पढ़ाई अजमेर की कॉन्वेंट स्कूल से हुई है। वह भगवंत यूनिवर्सिटी अजमेर (bhagwant University) से बीएड कर रही है। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूल में प्ले बच्चों को पढ़ाने का काम करती हैं।
संबंधित खबरें
हर्षिका कहती हैं- मैं एक ऐसी लड़की हूं अगर मेरे साथ कभी कोई बुरा होता है तो उसको पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाती हूं। बुरा होने वाली चीज को लेकर बैठे रहेंगे तो कभी आगे नहीं बढ़ सकते हैं। बत्रा ने कहा कि कभी भी लाइफ में अवसर मिलती है तो उसे छोड़ना नहीं चाहिए। पता नहीं चलता वह अवसर आगे मिले या नहीं। उन्होंने अपने सपने के बारे में बात करते हुए कहा अब वह मिस इंडिया का टाइटल जीतना चाहती हैं।
हील को लेकर पड़ी डांट ने बनाया समयनिष्ठ
संबंधित खबरें

बत्रा ने बताया कि मिस राजस्थान का फॉर्म फिल करने के बाद पहले दिन क्लासेस में वह लेट हो गई थी। जब सुबह ब्रेकफास्ट करने गई तब नंगे पैर गई थी। 5 इंच की हील पहनना बहुत मुश्किल था। ऐसे में, और ज्यादा लेट होने से अच्छा मैंने सोचा कि ऐसे ही दौड़ कर पहुँच जाउंगी।
जब वहां पहुंची तो देखा सभी कंटेस्टेंट वहां अपनी प्रॉपर ड्रेस में थी। लेकिन, मेरी हील ना होने के कारण जूरी ने मुझे डांट लगाई। हर्षिका कहती हैं- इस डांट का मुझपर ऐसा असर हुआ कि इसके बाद कभी में लेट नहीं हुई और ना ही अपनी हील पहनना भूली।
संबंधित खबरें
7 दिन में तैयार की अपने चलने की स्टायल
बत्रा ने बताया कि जब उनकी क्लासेस चल रही थी तब दूसरी कंटेस्टेंट के मुकाबले उनकी वॉक अच्छी नहीं थी। तब उन्हें कहा गया कि बेटा तुम्हारी वॉक अच्छी नहीं है। जूरी ने इशारों में समझा दिया कि उन्हें मेरी वॉक में जरा भी मजा नहीं आया। इसके बाद मैंने इसपर काम शुरू किया। 7 दिन में वॉक सीखी और 25 मई को जयपुर में मिस राजस्थान का टाइटल जीता।
संबंधित खबरें
लास्ट दिन भरा था फॉर्म
हर्षिका ने बताया- उन्होंने 6 मई को पार्टिसिपेशन के लास्ट दिन फॉर्म भरा था। इसके बाद उनका ऑनलाइन ऑडिशन लिया गया। कॉम्पिटिशन की ऑर्गेनाइजर निमिषा मिश्रा ने उनसे ऑनलाइन ही सवाल पूछे। ऑनलाइन उनसे सवाल पूछे गए। जिसमें उनके गोल्स और मेरी इंस्पिरेशन के बारे में सवाल किए। इसके साथ ही ऑनलाइन ही वॉक करवाई गई।
संबंधित खबरें
उन्होंने बताया कि 13 मई को जयपुर में सबसे पहले ऑडिशन हुआ इसमें 5000 लड़कियों ने भाग लिया था। जिसमें टॉप 28 को सिलेक्ट किया गया। जिसमें वह भी शामिल थी। इसके बाद अलग-अलग दिन कई कंपटीशन क्लासेस हुई।
19 मई को ग्रूमिंग क्लासेस (Grooming Classes) शुरू की गई। जिसमें सभी से वॉक करवाई थी। लेकिन वॉक किसी की भी अच्छी नहीं थी। क्लासेस में पूर्व में रही टॉप 10 Queen के द्वारा मेकअप, हेयर सहित सभी की क्लासेस ली गई। कई बार वर्कशॉप भी आयोजित हुई। जिसमें योगा सेशन, जुम्बा डांस, मोटिवेशन सहित सारी क्लासेस ली ।