इंटेलिजेंस अधिकारियों ने मंगत सिंह को शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत गिरफ्तार किया है।
आरोपी अलवर जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र का रहने वाला है।

कैसे आया संदेह के घेरे में?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से प्रदेश के सामरिक महत्व वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही थी।
हाल ही में अलवर छावनी की निगरानी के दौरान मंगत सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
इसके बाद से इंटेलिजेंस उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही थी।
गहन जांच-पड़ताल के बाद अब आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।
सेना की गोपनीय जानकारी देता था पाक महिला को
आरोपी मंगत सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी कर रहा था।
वह राष्ट्रीय राजधानी के नजदीक स्थित अति महत्वपूर्ण अलवर छावनी और अन्य सामरिक स्थलों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी महिला हैंडलर को सोशल मीडिया के माध्यम से भेज रहा था।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला हैंडलर के हनीट्रैप और धनराशि मिलने के लालच में आकर आरोपी सेना संबंधी व अन्य संवेदनशील सूचनाएं उपलब्ध करवा रहा था।
सुरक्षा एजेंसियां अब उससे आगे की पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।