जान बचाने की जद्दोजहद
इस भयानक हादसे में लगभग 20 लोगों की दुखद मौत हो गई।
हालांकि, कुछ यात्रियों ने अपनी जान बचाने में सफलता प्राप्त की।
लगभग 19 यात्री, दो बच्चे और दो चालक सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे।
कुछ यात्रियों ने इमरजेंसी एग्जिट तोड़कर बाहर छलांग लगाई, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं।
कुल 12 यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जिन्हें बाद में कुरनूल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शॉर्ट सर्किट के कारण बस का दरवाजा जाम हो गया था, जिससे कई लोग बाहर नहीं निकल पाए।
एसी बस होने के कारण कांच तोड़कर निकलने की कोशिशें भी कई लोगों के लिए विफल रहीं।
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने जताया दुख
इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्रपति ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस हादसे पर गहरा सदमा व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि उनकी सरकार घायलों और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावितों की मदद के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पीवीएन माधव के निर्देश पर भाजपा नेता भी दुर्घटनास्थल पर पहुंचे।
अब तक नौ घायल यात्रियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बस चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया था।
कुरनूल रेंज के डीआईजी कोया प्रवीण ने बताया कि कई शव पूरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
एनएच-44 पर हुए इस बस हादसे का वीडियो कुछ राहगीरों ने बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह घटना सड़क सुरक्षा के महत्व और सार्वजनिक परिवहन में आपातकालीन प्रोटोकॉल की आवश्यकता पर गंभीर सवाल उठाती है।