जिससे इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणिय हो गया है। जिससे भाजपा की मुश्किलें और भी बढ़ गई है।
मिल रहा है आपार समर्थन
निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी आशा मीणा को सवाई माधोपुर की जनता का अपार समर्थन मिल रहा है।
आशा मीणा लगातार जनसंपर्क बनाए हुए हैं और कार्यक्रमों के जरिए जनता के बीच पहुंच कर प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती देती दिख रही हैं।
आशा मीणा क्षेत्र में जनता के बीच लोकप्रिय चेहरे के तौर पर जानी जाती हैं। हमेशा स्थानीय मुद्दों को लेकर संघर्ष करती दिखी हैं। लोग उन्हें बहन, बेटी और बहु के रूप में देखते हुए उनका पूरा समर्थन कर रहे है।
सवाई माधोपुर से स्थानीय प्रत्याशी को टिकट नहीं मिलने से क्षेत्र के लोग काफी नाराज है।
जिसके चलते उनका आशा मीणा को पूरा समर्थन मिल रहा है। जनता के इसी समर्थन के चलते मीणा ने अपने बगावती तेवर दिखाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
गौरतलब है भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023 के लिए अपने प्रत्याशियों की तीन सूचियां जारी कर दी है।
राजस्थान में 25 दिसंबर को मतदान होगा और 3 दिसंबर को मतगणना होगी।