UP के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी असद अहमद और शूटर गुलाम को एनकांउटर में मार गिराने पर एक तरफ योगी सरकार [yogi sarkar ] की तारीफ में लोग पुल बाँध रहे हैं ,वहीँ विपक्ष के कई नेताओं ने एनकाउंटर के नाम पर कानून की धज्जियाँ उड़ाने पर UP की योगी सरकार को आड़े हाथों भी लिया है।
सोशल मीडिया पर यह एनकाउंटर ट्रेंड कर रहा है। उत्तरप्रदेश पुलिस के अधिकारीयों ने एनकाउंटर करने वाली टीम की हौसलाफजाई की है।
ज्ञात रहे उमेश पाल हत्याकांड में UP STF को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली ,जब STF ने माफिया सरगना अतीक अहमद [ ateeq ahmad ] के पुत्र असद और उसके शूटर गुलाम को एनकाउंटर में मार गिराया। इस बीच असद के पिता अतीक अहमद [ ateeq ahmad ] और उसके भाई अशरफ को कोर्ट ने पुलिस रिमांड की मंजूरी दे दी।
उमेश पाल की हत्या के 48 दिन बाद UP STF ने दोनों आरोपियों को उस वक्त ढेर कर दिया ,जब उन्होंने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। AIMIM के नेता असद्दुद्दीन ओवैसी ने एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
UP के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव असद और गुलाम के एनकाउंटर पर सवाल उठाया है।अखिलेश ने ट्वीट कर लिखा कि झूठे एनकाउंटर करके BJP सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान हटाना चाह रही है। हालिया एनकाउंटर की जांच की मांग करते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपाई अदालत में विश्वास नहीं करते।
एनकाउंटर के तुरंत बाद यूपी पुलिस के एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्रशांत कुमार ने कहा -सरकार अपराधियों और माफियां को मिटने के लिए प्रतिबन्ध है। सरकार प्रदेश की कानून व्यवस्था जीरो टॉलरेंस की नीति पर कामयाबी हासिल कर रही है।
प्रशांत कुमार ने कहा कि 24 फरवरी को हुई गवाह उमेश पाल की हत्या के आरोपियों की पहचान कर उनके पीछे पुलिस तैनात की गयी थी ,जिसने आज एनकाउंटर में दो प्रमुख आरोपियों को मार गिराया।
ट्वीटर यूजर्स की प्रतिक्रिया ऐसी रही
गवाह उमेश पाल की दिन दहाड़े हत्या के आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराने के साथ ही उत्तर प्रदेश का यह एनकाउंटर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। ट्वीटर पर पियूष तिवारी ने अपने अकाउंट @PiyushTiwariNew पर लिखा - सब कार पलटने का इंतजार करते रहे। इधर बाबा ने बाइक ही पलट दिया
फ़िज़ा रिज़वी ने इस तरह एनकाउंटर करने पर सवाल खड़े किये और @FizzaRizvi92 अकाउंट से ट्वीट किया -"हर दोषी को सज़ा मिले लेकिन इस तरह से क़ानून का मज़ाक बनाना क्या सही है??
अगर अदालत की कार्रवाई से पहले आरोपी को खत्म कर दिया जाए तो फिर अदालतों को बंद कर देना चाहिए। अतीक अहमद के लड़के पर आरोप सिद्ध हो चुके थे ? नहीं लेकिन विशेष प्रजाति को खुश करने के लिए!"
भारत सन्देश नामक ट्वीटर हैंडल @BharatSandesh_से इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुए लिखा गया - "अतीक अहमद के बेटे का एनकाउंटर सही है ? और कानून सबके लिए तभी बराबर है। क़्या जुनैद और नासिर के उन हत्यारों का एनकाउंटर होगा जो जुर्म करके भी खुले घूम रहे हैं???"
समाजवादी पार्टी के नेता अमीक जमई ने अपने ट्वीटर आकउंट @ameeque_Jamei से ट्वीट कर लिखा- "एनकाउंटर न्याय नही होता...".
OBC समुदाय से आने वालों देखो,, सपा नेता उमेश के “मुस्लिम हत्यारों” के साथ खड़े हैं...."