कब और कैसे हुई उमेश पाल हत्याकांड के आरोपितों की मौत?
- 27 फरवरी को प्रयागराज में अरबाज़ का पहला एनकाउंटर हुआ। अरबाज कथित तौर पर उमेश पाल के हत्यारों का वाहन चालक था।
- 6 मार्च को प्रयागराज में उस्मान की मुठभेड़ में मौत हो गई।
- 13 अप्रैल को असद और गुलाम को पुलिस ने झांसी में एक मुठभेड़ में मार गिराया।
- 15 अप्रैल को तीन बदमाशों ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर डाली।
इन पर मंडरा रहा मौत का खतरा!
अतीक के सहयोगी गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर अभी फरार हैं। इन सभी पर 5 लाख रुपये का इनाम है। उमेश पाल मर्डर केस में अब तक हुई 6 मौतों को दखते हुए अब इनकी जान पर खतरा मंडराता दिख रहा है।
कभी यूपी की धरती को अपने आतंक से भयभीत करने वाले अतीक की हत्या के चलते उसके जुर्म का साम्राज्य खत्म हो गया है।
अतीक और उसके भाई की हत्या के बाद अब जेल में बंद अतीक के चार बेटों पर भी मौत का खतरा मंडरा गया है। उसके दो बेटे उमर और अली नैनी जेल में हैं, जबकि दो नाबालिग होने के कारण पुलिस की कड़ी निगरानी में बाल संरक्षण गृह में हैं।
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन फरार बताई जा रही है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम है।