शर्मा ने कहा कि जयपुर शहर की यातायात व्यवस्ता बाधित होने की समस्या के सटीक और स्थाई समाधान के लिए आवश्यक है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ हो।
आमजन को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए त्वरित और सुगम परिवहन संसाधन उपलब्ध हो, जिससे वे निजी वाहनों की बजाए सार्वजनिक परिवहन से सफर करने को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिटी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में नई सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों को जल्द से जल्द शामिल किया जाए ताकि लोगों को सुचारू एवं प्रदुषण मुक्त परिवहन सेवा उपलब्ध हो सके।
सुचारू व्यवस्था के लिए यातायात पुलिसकर्मियों की बढ़ायी जाए संख्या —
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए यातायात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में होमगार्ड तथा आरएसी बटालियन के जवानों को यातायात संचालन के लिए लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख चौराहों और स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ायी जाकर यातायात नियमों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शर्मा ने कहा कि शहर के प्रमुख मॉल्स, अस्पतालों आदि के बाहर गलत ढंग से वाहनों की पार्किंग से यातायात व्यवस्था बाधित होती है। अतः लोगों को निर्धारित पार्किंग स्थल में ही वाहन खड़ा करने के लिए पाबंद किया जाए।
प्रमुख सड़कों पर यातायात दबाव कम करने के लिए बने नए सैटेलाइट बस स्टैंड —
शर्मा ने कहा कि जयपुर की चार प्रमुख सड़कों अजमेर रोड़, आगरा रोड़, टोंक रोड़ और सीकर रोड़ पर यातायात दबाव कम करने के लिए इस रूट पर संचालित होने वाली बसों के लिए उसी रूट पर अतिरिक्त सैटेलाइट बस स्टैंड बनाए जाए। इससे सिंधी कैंप स्थित मुख्य बस स्टैंड पर भी बसों की संख्या कम होगी।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली व आगरा जाने वाली बसों के लिए निर्धारित नारायण सिंह सर्किल बस स्टैंड को अन्यत्र जगह स्थानांतरित कर पीक आवर्स में बसें वहीं से संचालित करने के निर्देश दिए।
परकोटा क्षेत्र में हो यातायात का दबाव कम —
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परकोटा क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के लिए आमजन को रामनिवास बाग स्थित पार्किंग में सस्ती दरों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवायी जाए तथा परकोटे में आवागमन के लिए मिनी बसें व इलेक्ट्रिक गाड़ियां संचालित किए जाए।
शर्मा ने कहा कि जयपुर में अलग-अलग जोन निर्धारित कर ई-रिक्शा का संचालन किया जाए तथा हर एक जोन के लिए ई-रिक्शा का अलग रंग तय कर दिया जाए ताकि हर रिक्शा एक क्षेत्र विशेष में चले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर बाजारों को बंद रखने तथा रात्रिकालीन बाजार के लिए के लिए अलग-अलग दिन तय किए जाए।
शर्मा ने सुझाव दिया कि सरकारी कार्यालयों में काम करने वालों तथा स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए विशेष बस व्यवस्था संचालित की जाए जिससे उन्हें कार्यालय या अध्ययन स्थल तक आने-जाने के लिए आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सके।
बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत, अध्यक्ष, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम श्रीमती शुभ्रा सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आनंद कुमार, महानिदेशक पुलिस (एस.सी.आर.बी.) हेमंत प्रियदर्शी, एडीजी यातायात अनिल पालीवाल के अतिरिक्त जेडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।