भीड़ प्रबंधन के लिए अपनाएं नवाचार—
प्रमुख शासन सचिव ने इसके बाद ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां निरीक्षण के दौरान भीड़ को प्रबंधित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचारों का उपयोग करते हुए रोगियों को कतारों में खड़े रहने से मुक्ति दिलाएं। इसके लिए इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 के माड्यूल्स जल्द से जल्द लागू करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि ओपीडी में रोगियों के बैठने एवं पीने के पानी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं। नि:शुल्क दवा वितरण केंद्रों पर आवश्यक दवा सूची से संबंधित सभी दवाएं उपलब्ध हों। मरीजों को इधर—उधर भटकना नहीं पड़े।

आपातकालीन इकाई का होगा विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
श्रीमती राठौड़ ने आपातकालीन इकाई का दौरा कर वहां व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की आवश्यकता के अनुसार आपातकालीन इकाई का विस्तार किया जाए। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली और इसे सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में स्थापित अभय कमाण्ड सेंटर का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में संवेदशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे आवश्यक रूप से लगाए जाएं। साथ ही, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने महिला गार्ड भी नियोजित करने तथा बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए बनाएं अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन प्लान
प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी लेते हुए इन कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर बल दिया।
श्रीमती राठौड़ ने निर्माणाधीन नवीन कार्डियोलॉजी विंग का कार्य जल्द पूरा कर इसे दिसम्बर माह तक क्रियाशील करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन प्लान बनाया जाए। राज्य सरकार से जिन प्रस्तावों पर स्वीकृति प्राप्त की जानी है, उन्हें शीघ्र भिजवाएं।
निरीक्षण के दौरान सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. राकेश जैन, उप अधीक्षक डॉ. गिरधर गोयल, डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. जगदीश मोदी, अतिरिक्त निदेशक एकेडमिक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. रश्मि गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।