जयपुर, 25 जून 2024 | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज एक विशेष समारोह में आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 की रात को लगाए गए आपातकाल को एक काली रात के रूप में याद किया जाता है, जिसने देश के लोकतंत्र का गला घोंट दिया था। यह आपातकाल 21 महीने तक चला और भारतीय लोकतंत्र पर एक अमिट धब्बा छोड़ गया।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस मीसा बंदी लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों के अदम्य साहस और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा, "आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी, और राजनीतिक विरोधियों को बिना मुकदमे के जेल में डाल दिया गया था। ऐसे में लोकतंत्र सेनानियों ने अपने संघर्ष को जारी रखा और लोकतंत्र की ज्योति को प्रज्वलित रखा।"
मुख्यमंत्री की सहृदयता
भजनलाल शर्मा ने अपनी सहृदयता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी लोकतंत्र सेनानियों को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया। लगभग 5 घंटे तक मंच पर खड़े रहकर उन्होंने प्रत्येक सेनानी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग सेनानियों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और व्हील चेयर पर आए सेनानियों को मंच से उतरकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता ने समारोह में उपस्थित सभी सेनानियों को भावुक कर दिया।