जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवा, महिला, किसान एवं गरीब के सर्वांगीण विकास को केन्द्र बिन्दु मानते हुए अधिकारियों को नीति-निर्धारण के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि आकर्षक, सुस्पष्ट एवं सुसंगत नीतियों के निर्माण में नवाचारों को प्राथमिकता से शामिल किया जाए। शर्मा ने नीतियों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश दिए।
शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर लम्बित नीतियों, योजनाओं एवं अधिनियमों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार 8 करोड़ प्रदेशवासियों के चहुंमुखी विकास और कल्याण के लिये कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से जनता को सुशासन देना ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही राजस्थान सहकारिता अधिनियम-2025 लेकर आएगी, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेहिता सुनिश्चित करने वाले प्रावधान जोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं से कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।