जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के वंचित वर्ग के कल्याण हेतु समर्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के कमजोर वर्ग को मिलना सुनिश्चित हो इसके लिए हम प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सेवाभाव से कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय बजट घोषणाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे तथा अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ न ले पाए, क्योंकि इससे पात्र व्यक्ति के हितों पर कुठाराघात होता है।
शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा विभिन्न वर्गों के लिए संचालित आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता तय कर चरणबद्ध रूप से किया जाए। शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पत्थर तोड़ने एवं पीसने के कार्य वाले स्थानों एवं खदानों पर निर्धारित गाईडलाइन की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराएं ताकि सिलिकोसिस रोग पर नियंत्रण किया जा सके।
वंचित वर्ग के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय—
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कई निर्णय किए हैं। राज्य बजट में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण के लिए एससीएसपी एवं टीएसपी फंड की राशि को 1000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये किया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि को भी 1000 रुपये से बढ़ाकर 1150 रुपये किया गया है। राज्य में सभी वर्गाें के राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को देय मेस भत्ता भी 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है।