सेट्रल वॉटर कमीशन के वैज्ञानिकों को आशंका है कि नेपाल में एक दिन पहले आए भूकंप के कारण सिक्किम में ये तबाही हो सकती है। भूकंप के चलते लोहासन झील सिकुड़ गई और पानी तेज बहाव के साथ बह निकला।
प्रधानमंत्री ने दिया हरसंभव मदद का आश्वासन
सिक्किम में हुए कुदरत के इस तांडव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है।
पीएम मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पीएस तमांग से बात की और बाढ़ से उपजे हालात की समीक्षा की और राज्य सरकार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मरने वाले सभी 14 लोगों की पहचान आम नागरिकों के रूप में हुई है, जिनमें से तीन लोग उत्तरी बंगाल में बह गए थे।
बताया जा रहा है कि सुबह लापता हुए सेना के 23 जवानों में से एक को बचा लिया गया है लेकिन 22 जवान अभी भी लापता हैं।
इसी के साथ अब तक करीब 166 लोगों को बचाया गया है। अभी बाकी की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, सिक्किम में रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुई बाढ़ की स्थिति चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण और बिगड़ गई। जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
इसके अलावा चुंगथांग में तीस्ता चरण तीन बांध में कार्यरत कई कर्मचारी भी फंसे हुए हैं।