अब वो बात अलग है कि विपक्ष के लोगों ने मुझसे कुछ नहीं मांगा या जो मांगा वो भी कम मांगा।
अगर वो मांगते और मैं नहीं देता तो मुझे दोष देते।
इस दौरान सीएम गहलोत ने ‘युवा महापंचायत’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कोई नीति बनाए और उस पर राजस्थान यूथ बोर्ड सीताराम लांबा काम करे।
इससे आप समझ सकते हैं कि युवाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता क्या है। हमारा बजट युवाओं को समर्पित है।
आज मैं अपने फेसबुक पेज पर युवाओं के लिए बनाई योजनाओं को पोस्ट करूंगा। आप लोग अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से उसका लाभ लेना।
मैं बचपन में डॉक्टर बनना चाहता था
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कोटा में लगातार हो रहे छात्रों की सुसाइड पर कहा कि मैं इन घटनाओं को देखकर काफी दुखी हूं। सीएम ने कहा कि मैं छात्रों के परिजनों से भी कहना चाहता हूं कि उन पर किसी तरह का दबाव ना डालें और वो जो बनना चाहते हैं वो बनने दें।
गहलोत ने कहा कि मैं खुद बचपन में डॉक्टर बनना चाहता था, जिसके लिए काफी मेहनत भी की, लेकिन बाद में समाज सेवा और राजनीति में आ गया, जहां कई पद मिले लेकिन मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि कन्हैया कुमार के दिमाग में बुजुर्गों वाले अनुभव हैं।
भगवान ने कन्हैया कुमार को बोलने का तोहफा दिया है। जब वो बोलते हैं तो सारे अनुभव समेट कर बोलते हैं, सटीक बाते करते हैं।
अब भला सीएम गहलोत साब बोल रहे हो और पीएम मोदी पर निशाना नहीं साधे, भला ये कैसे हो सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि मोदी जी सरकारी आयोजनो में राजनीति की बातें करते हैं तो हम और आप भी कर सकते हैं।
वीसी वाले आयोजन में मोदी जी सारी लिमिट तोड़ चुके हैं। कन्हैया कुमार तुम्हें भी राजनीतिक भाषण देने की हमारे आयोजनों में पूरी छूट है।