इसमें राजस्थान की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इसे राजस्थान के मॉन्यूमेंट्स के हिसाब से बनाया गया है।
इसमें एक ही छत के नीचे वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिल सकेगी। जिसमें विश्व स्तरीय कांफ्रेंस और सेमिनार का आयोजन किया जा सकेगा।
ओटीएस के पास सेंटर में होने वाले आयोजनों में देश-दुनिया के मेहमान उपस्थित होंगे।
ये सबकुछ हैं खास
- एक छत के नीचे वर्ल्ड क्लास कांफ्रेंस-सेमिनार का आयोजन हो सकेगा।
- झालाना में 140 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
- दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर-इंडिया हैबिटेट सेंटर की तर्ज पर हुआ है निर्माण।
- राजस्थान इंटरनेशनलल सेंटर को बनाने में करीब 10 साल का समय लगा है, लेकिन ये आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
- इसका निर्माण जेडीए की ओर से 7.44 हैक्टेयर भूमि पर किया गया है। जो दो चरणों में पूरा हुआ हैं।
- इसमें कनवेंशन हॉल, ऑडिटोरियम, मिनी ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, बोर्ड मीटिंग हॉल, कांफ्रेंस हॉल, लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी, लैक्चर हॉल, एग्जीबिशन एरिया, रेस्टारेंट सहित डबल बेसमेंट पार्किंग की सुविधा दी गई है।
- ऑडिटोरियम की दीवारें जैसलमेर की पटवाओं की हवेली की जाली की तर्ज पर बनाई गई हैं।
- इसी के साथ कन्वेंशन हॉल और प्री-फंक्शन एरिया में जयपुर के सिटी पैलेस के झरोखे, हवामहल की खिड़कियों की झलक भी देखने को मिलेगी।
- इसके अलावा मिनी ऑडिटोरियम मारवाड़ पैटर्न के तर्ज पर बनाया गया है जबकि, कांफ्रेंस हॉल जोधपुर के मंडोर उद्यान व स्मारक पर आधारित है।
- यहां एजुकेशनल आयोजनों के साथ इ-लाइब्रेरी की सुविधा, मेंबर्स को देश दुनिया की किताबें ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध हो सकेगी।
- इसमें रेस्टोरेंट्स का निर्माण भी किया गया है।
- इसी के साथ यहां 240 वाहनों की क्षमता की डबल बेसमेंट पार्किंग बनाई गई है।