ऐसे में सीएम गहलोत ने इन तीनों राज्य सरकारों को एक-एक पत्र लिख भूमि आवंटन के लिए आग्रह किया है।
कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को पत्र लिखकर भूमि आवंटन की मांग की गई है।
क्या कहा पत्र में ?
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्र में लिखा है कि राजस्थान भवन निर्माण के लिए उचित स्थान पर 3-3 हजार वर्गमीटर भूमि का आवंटन किया जाए।
क्या होगा फायदा ?
- बाहरी राज्यों में राजस्थान भवन के निर्माण से वहां रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
- इनमें राजस्थानी कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी आयोजित हो सकेंगी।
- राजस्थानी प्रवासियों एवं यात्रा कर रहे राजस्थानियों को घर से दूर घर जैसा ही वातावरण मिल सकेगा।
- राजस्थान भवन बनने से दो राज्यों के बीच एक दूसरे की समृद्ध संस्कृतियों के संपर्क में वृद्धि होगी।
दिल्ली की तर्ज पर जयपुर में बन रहा है कांस्टीट्यूशन क्लब
आपको ये भी बताना चाहेंगे कि राजस्थान में भी दिल्ली की तर्ज पर कांस्टीट्यूशन क्लब बन रहा है।
राजस्थान का कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब विधानसभा के सदस्यों के लिए एक अत्याधुनिक मनोरंजक और सामाजिक केंद्र बनाने का एक प्रयास है।
इसमें सदस्यों को स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने में मदद करने के लिए आधुनिक फिटनेस उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
क्लब कार्यक्रमों और बैठकों की मेजबानी की जरूरतों को भी पूरा करेगा।
सम्मेलनों, सेमिनारों और अन्य समारोहों के लिए क्रमशरू 125 और 225 सीटों की क्षमता वाले दो विशाल हॉल उपलब्ध होंगे।
क्लब का प्रभावी आकर्षण रेस्तरां है, जिसमें 165 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
आराम करने और आराम करने के इच्छुक लोगों के लिए, क्लब में एक स्विमिंग पूल होगा।
जिम, रेस्तरां और स्विमिंग पूल के अलावा, राजस्थान का कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब कई अन्य सुविधाएं प्रदान करेगा। 100 की बैठने की क्षमता वाला एक कैफेटेरिया, क्लब में पांच लाउंज भी होंगे, जहां सदस्य एक आरामदायक वातावरण में मेलजोल और आराम कर सकते हैं।