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भारत

POCSO मामले में दिल्ली पुलिस को नहीं मिले सबूत, फाइल की क्लोजर रिपोर्ट

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बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में नाबालिग के बयान और अब तक की जांच को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल की है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में नाबालिग के बयान और अब तक की जांच को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल की है।
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नई दिल्ली  | दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। 

दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पॉक्सो मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की है। 

पुलिस को नहीं मिले सिंह के खिलाफ कोई सबूत

पिछले महीने तीन प्रमुख पहलवानों विनेश फोगट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसके कारण देश भर में हंगामा हुआ और उनके इस्तीफे की मांग की गई। 

हालांकि, हाल की क्लोजर रिपोर्ट बताती है कि पुलिस को मामले में सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है ऐसे में हम इस मामले की जांच बंद कर रहे हैं।

पहलवानों के आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। 

आज उन्होंने राउज एवेन्यू कोर्ट में 1000 पन्नों की क्लोजर रिपोर्ट दायर की, जिसमें कहा गया कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है।

दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में नाबालिग के बयान और अब तक की जांच को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल की है।

डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख  सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों में चार्जशीट पर विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि आईपीसी की धारा 354, 354डी, 354ए और 506 (1) के तहत चार्जशीट दायर की गई है।

क्लोजर रिपोर्ट को प्रभावित करने वाले प्रमुख आरोपों में से एक नाबालिग पहलवान द्वारा आरोपों को वापस लेना था, जिसने शुरू में सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। 

मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए अपने पहले बयान में नागालिग पहलवान ने कथित यौन शोषण के आरोप लगाए थे, लेकिन बाद उसने यह कहते हुए आरोपों को वापस ले लिया कि उसका चयन नहीं हुआ था और वह उस समय अवसाद से जूझ रही थी। 

जिसके चलते उसने मामला दायर करने का निर्णय लिया जो पूरी तरह से गुस्से से प्रेरित था।

मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को

बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने और मुख्य गवाह के आरोपों से मुकर जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 4 जुलाई के लिए तय की है।

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