उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने भीषण गर्मी का पूर्वानुमान होने पर भी पानी एवं बिजली प्रदेशवासियों को उपलब्ध करवाने हेतु समय रहते कन्टीनजेन्सी प्लान नहीं बनाया
अब आचार संहिता लगने का बहाना बनाकर राजस्थान सरकार के मंत्री उल-जूलूल बयानबाजी कर रहे है, जो दर्शाता है कि राजस्थान सरकार के पास इस समस्या के निदान के लिए कोई विशेष कार्ययोजना उपलब्ध नहीं है।
डोटासरा ने कहा कि जब भीषण गर्मी में पेयजल तथा बिजली की अनुपलब्धता के कारण प्रदेशभर में हाहाकार मचा हुआ है तो प्रदेश सरकार माननीय चुनाव आयोग से अनुमति लेने की बात कर रही है जबकि आकस्मिक आपदा के लिए कई माह पूर्व आचार संहिता लगने से पहले ही सरकार को कन्टीनजेन्सी प्लान बनाना चाहिए था
अब अनुमति मांगने की बजाए चुनाव आयोग से तो पूर्व में भी अनुमति ली जा सकती थी, किन्तु भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता एवं भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण अन्य प्रदेशों में लोकसभा चुनाव में प्रचार करते रहे और प्रदेश की समस्याओं की अनदेखी की जाती रही।
डोटासरा ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, पंचायत राज जनप्रतिनिधि, निकाय जनप्रतिनिधियों, प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देश प्रदान किए है कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आमजनता के बीच जाकर पानी, बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की समस्या से ग्रस्त क्षेत्रवासियों की समस्याओं का अधिकारियों पर दबाव बनाकर निदान करवायें।
उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान सरकार तुरन्त प्रदेशवासियों की मूलभूत आवश्यकताओं बिजली एवं पानी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम नहीं उठायेगी तो राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी भाजपा सरकार के विरूद्ध बड़ा आंदोलन प्रारम्भ करेगी।