भजनलाल शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बिना सोच-समझ के स्कूल और कॉलेज खोल दिए, जहां शिक्षकों और प्राचार्यों की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने इन सभी कॉलेजों का रिव्यू करने के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया है, जो इन कॉलेजों की कमियों को दूर करने के उपाय सुझाएगी।
प्रमोशन और मूलभूत सुविधाओं का वादा
सीएम ने बताया कि उनकी सरकार हर साल प्रत्येक विभाग में कर्मचारियों के प्रमोशन सुनिश्चित करेगी और उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जहां शिक्षक नहीं थे, वहां स्कूल खोल दिए और जहां प्रोफेसर नहीं थे, वहां कॉलेज। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन में भी कई काले कारनामे हुए, जिसका खामियाजा अब जनता भुगत रही है।
बिजली की समस्या का समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में बिजली की समस्या की जड़ पिछली कांग्रेस सरकार है, जिसने राजस्थान को 90 हजार करोड़ से ज्यादा का घाटा दिया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने प्रदेश में 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से बिजली आपूर्ति को लेकर योजना बनाई है, जिससे अगले 1-2 साल में बिजली की कमी नहीं रहेगी।
योजनाओं का धरातली कार्यान्वयन
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 6 महीनों में कई योजनाओं को लागू किया है और उन योजनाओं को धरातल पर लाने से पहले पूरी तैयारी की है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं का रिव्यू कर रही है ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सभी योजनाओं को लागू करने से पहले अध्ययन किया और आवश्यक कदम उठाए।
अधिवेशन में शिक्षकों की भागीदारी
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांतीय अधिवेशन में बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे। इस दौरान सीएम भजनलाल शर्मा ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं और आश्वासन दिया कि सरकार युवाओं और शिक्षकों के हित में लगातार काम करती रहेगी।
इस प्रकार, सीएम भजनलाल शर्मा ने राज्य में रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना की। उनकी सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार और प्रदेश के विकास पर है।