जयपुर, 23 जनवरी | चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि पेपर लीक के दर्ज प्रकरणों में एक माह पहले ही एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी की रिपोर्ट आने पर इन प्रकरणों में आगे कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों पर गृह मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर को शपथ ली थी।
इसके तुरन्त बाद ही अगले ही दिन 16 दिसंबर को एसआईटी तथा इसके बाद एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया गया। उन्होंने पेपर लीक प्रकरणों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2021 में 5 बड़े पेपर लीक हुए, वर्ष 2022 में 10 तथा वर्ष 2023 में 5 पेपर लीक हुए। उन्होंने बताया कि नई राज्य सरकार के गठन के बाद 2 पेपर हो चुके हैं और पेपरलीक का कोई मामला सामने नहीं आया है।
सिंह ने कहा कि एक जनवरी 2014 से आज तक पेपर लीक के कुल दर्ज 33 प्रकरणों में से 32 मामलों में चालान पेश हो चुका है तथा एक प्रकरण में उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश है। इन प्रकरणों में 615 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इन प्रकरणों में 49 सरकारी कार्मिक जिनमें, अधिकतर अध्यापक हैं, उनमें से 11 को सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।