वहीं विधायक भायल के अस्सिटेंट कोजराज सिंह से उन्हीं के समाज के लोग नाराज हैं, पिछली बार भी जनता ने वोट इस सर्त पर दिए थे कि इनकों साथ नहीं रखोगे, लेकिन वर्तमान ने जनता कि एक नहीं सुनी, अब जनता जनार्दन का कहना है, हर बार एक ही व्यक्ति को मौका देकर पार्टी गलत फैसला ले रही हैं, इस फैसले से जनता प्रदेश नेतृत्व व केंद्रीय नेतृत्व से भी नाराज हैं।
इसको लेकर सिवाना की जनता गंगा सिंह काठाडी (Ganga Singh Kathadi) जो कि बालोतरा जिला बूथ प्रभारी चुनाव प्रबंधन समिति भाजपा का दायित्व निभा रहे हैं व सिवाना विधान सभा पन्ना प्रमुख संयोजक का दायित्व 2022 से निभाते हुए धरातलीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ नजर आए हैं।
इसलिए पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता व सर्व समाज चाहता है कि गंगा सिंह काठाडी भाजपा से उम्मीदवार होने चाहिए थे।
सर्व समाज चाहता है काठाडी ठोके निर्दलीय ताल
जानकारी के मुताबिक काठाडी ने सभी से राय व सुझाव मांगे थे जिसमें सभी समाज की एक ही आवाज आई की समाज व पार्टी का एक व्यक्ति एकाधिकार के साथ ठेकेदार बनकर बैठा है तो इन्हें घर बिठाने की जरुरत है।
इधर कई कार्यकर्ता काठाडी को फोन कर निर्दलीय चुनाव लड़ने को तैयार कर रहे हैं, जिन्हें विधायक भायल कतई मंजूर नहीं है।
सर्व समाज का फैसला, मेरा फैसला काठाडी
सिवाना के सभी समर्थक फोन पर फोन कर समाज हितार्थ समाज सेवी काठाडी को निर्दलीय ताल ठोकने का सुझाव दे रहे हैं, इस पर काठाडी से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं बाबा रामदेव रूणिचे वाले का परम भक्त हूं और सर्व समाज के आदेशानुसार जनता सेवा के लिए हमेशा तैयार मिलूंगा।
मेरे पास राष्ट्रीय पार्टियों व राज्य दलों सभी के फोन आ चुके हैं लेकिन मैं किसी दल मैं शामिल नहीं होऊंगा।
एक दो दिन बाद नवंबर के शुरुआती सप्ताह मैं निर्दलीय उम्मीदवार पर अपनी बात स्पष्ट करूंगा, क्योंकि जनता का फैसला ही मेरा फैसला है। सर्व समाज जो आदेश देगा मैं उसका पालन करूंगा।
सिवाना की जनता दोहरा सकती हैं कांत वाले चुनाव
वहीं सूत्रों के अनुसार, अगर काठाडी निर्दलीय ताल ठोकते हैं तो सिवाना विधानसभा चुनाव 2023 का परिणाम टिकम चंद कान्त वाले निर्दलीय चुनाव की तरह होने की संभावना नजर आ रही है।
जैसा माहौल कान्त के निर्दलीय उम्मीदवार के समय था वैसे ही माहौल रिपीट होते नजर आ रहे हैं।
कान्त की ही तरह जनता में काठाडी के प्रति समर्पित भाव व काठाडी की बेदाग छवी होने के कारण सिवाना की जनता चाहती हैं कि किसी दल में न जाकर निर्दलीय चुनाव लडे़ जिसमें हम तन मन धन से साथ निभाएंगे।