कार्यक्रम की शुरुआत जय भवानी मातृशक्ति तलवारबाजी संघ की बालिकाओं द्वारा शस्त्र विद्या के शानदार प्रदर्शन से हुई, जिसने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजपूत समाज की लगभग 50 बच्चियों ने तलवार के साथ अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन किया, जो उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। इस दल का नेतृत्व टीनू कंवर गोगटिया ने किया, जिन्होंने अब तक 2000 से अधिक बच्चियों को आत्मरक्षा की कला में प्रशिक्षित किया है।
संघ के संस्थापक महेंद्र सिंह जाखली ने इस पहल की नींव रखी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। विजयलक्ष्मी, सम्भागीय अध्यक्ष ने बताया कि यह संघ प्रत्येक रविवार प्रातः 8:00 बजे फतेह निवास, झोटवाड़ा में निरंतर प्रशिक्षण प्रदान करता है। सुमन कंवर जाखली के संयोजन एवं नाथू सिंह के अवलम्बन में यह प्रशिक्षण निरंतर जारी है।

आत्मरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोगटिया ने जय भवानी मातृशक्ति तलवारबाजी संघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का प्रमुख लक्ष्य बालिकाओं और महिलाओं को आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए दक्ष करना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें। यह प्रशिक्षण उन्हें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि उनमें आत्म-विश्वास और साहस भी भरता है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष गणपत सिंह राठौड़ भी उपस्थित थे, जो अक्सर इस तरह के सामाजिक और प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन करवाते रहते हैं। इस अवसर पर प्रकाश दास जी महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ, जिन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
गौ रक्षा हेतु प्रेरणा
मैराथन में राजपूत बाईसाओं का यह दल आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। उन्होंने गौ रक्षा हेतु स्वयं को शस्त्र सिद्ध करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया, जो प्राचीन भारतीय परंपराओं और मूल्यों को दर्शाता है। उनकी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि आत्मरक्षा और शक्ति का उपयोग केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और उसकी धरोहरों की रक्षा के लिए भी किया जा सकता है।
यह आयोजन गौ सेवा, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने जयपुर के लोगों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी।