संस्कार भी जरूरी शिक्षा के साथ
उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रतिभाओं (talents) की कोई कमी नहीं है, वे अपेक्षा करते हैं कि राज्य के शिक्षक मिलकर और बेहतर परिणाम अगले वर्ष देंगे।
उन्होंने कहा कि बहुत ज्यादा अंक लाना ही पर्याप्त नहीं है, बच्चों को अच्छे संस्कार (Good manners) देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का अंकुरण भी होना चाहिए।
सभी को पौधरोपण करना चाहिए
उन्होंने पर्यावरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पेड़ हमारे जीवन का मूलभूत आधार हैं, पेड़ हमें छाया, ऑक्सीजन और सब कुछ देते हैं। पेड़ों से तापमान कम होता है, प्रदूषण कम होता है और भी अनेक फायदे मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि गर्मी में तापमान कुछ जिलों में 50 डिग्री के ऊपर चला गया है। इससे बचाव के लिए तापमान (temperature) को कम करने के लिए पेड़ लगाने चाहिये।
उन्होंने कहा कि सभी संगठन, संस्थाएं, व्यायसायी, आम जनता पौधारोपण (plantation) में आगे आए, सरकार द्वारा स्थानीय निकाय विभाग (Local Government Department) और पंचायतीराज विभाग के माध्यम से सभी को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) जोराराम कुमावत ने भी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया भामाशाह द्वारा किया गया कार्य आगे तक हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार (state government) ने अल्प काल मे विकास के अनेक कार्य किये है |

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के माध्यम से आने वाले समय के भविष्य बच्चो के लिए समग्र विकास हो इसके लिए राज्य सरकार (state government) प्रतिबद्ध है विकास का लाभ सभी वर्गों को मिलेगा।
इस अवसर पर पाली लोकसभा सांसद, पी पी (PP) चौधरी ने कहा कि उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उच्च गुणवत्तापूर्ण स्कूल का भवन व स्टाफ (Staff) भी हो, ऐसे स्कूल से ग्रामीण बच्चों को अधिक लाभ मिल सकेगा।
कार्यक्रम में आये हुये अतिथियों ने शिक्षा मंत्री दिलावर के साथ दसवीं (10th) व बारहवीं (12th) के विभिन्न संकायो में अव्वल आने वाले बच्चों को सम्मानित किया। इससे पहले कार्यक्रम में विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया।