मासिक रूप से गोशालाओं का हो औचक निरीक्षण —
उन्होंने गोपालन विभाग को निर्देश दिए कि इस तरह की स्थिति दुबारा न आए इसके लिए विभाग सतर्कता बरते। फर्जीवाड़ा करने वालों को सरकार का डर होना चाहिए और सही लोागों को सरकार की याजनाओं का फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने विभाग को मासिक रूप से औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
सही चल रही गोशालाओं का न रुके अनुदान—
जोराराम कुमावत ने कहा कि धांधली में लिप्त गोशालाओं के खिलाफ कार्यवाही चलती रहे पर इसकी वजह से सही तरीके से चल रही गोशालाओं का अनुदान नहीं रुकना चाहिए। उन्हें समय पर भुगतान करना हमारा दायित्व है।
इसी क्रम में पशुपालन विभाग के लिप्त 6 कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है एवं तात्कालिन जैसलमेर संयुक्त निदेशक पर भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही दूसरे विभागों से संबंधित मिलीभगत वाले अधिकारियों पर भी उनके विभाग से संबंधित अधिकारियों को लिखने हेतु निर्देशित किया गया है।
गोशाला संरक्षण के लिए नवाचार गतिविधियां अपनाई जाएं—
गोपालन मंत्री ने कहा कि गोशाला संचालन के लिए नवाचार गतिविधियों को अपनाकर गोशाला का संरक्षण और संवर्द्धन किया जाए।
मोबाइल वेटनरी यूनिट कॉल सेंटर शुरू होने तक नजदीकी गोशालाओं की करें सेवा—
हाल ही शुरू किए गए मोबाइल वेटनरी यूनिट को भी गोशालाओं में अपनी सेवा देने का निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि जब तक इस यूनिट का कॉल सेंटर नहीं खुलता है तब तक ये अपने नजदीकी गोशालाओं को अपनी सेवा दें। इसके लिए जिला स्तर पर पशुपालकों के लिए एक नंबर सार्वजनिक कर दिया जाए जिस पर संपर्क कर पशुपालक इनका फायदा ले सकें। गौरतलब है कि इन मोबाइल वेटनरी यूनिट के ल्एि अपने अपने क्षेत्र में एक रूट तय किया गया है।
वेटनरी कॉलेज खोलने के लिए पोर्टल शुरू किया जाए—
जोराराम कुमावत ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग वेटनरी कॉलेज खोलने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए एक पोर्टल को निर्माण किया जाए और उस पर आवदनकर्ताओं से आवेदन मांगे जाएं। निश्चित अवधि तक खुलने वाले इस पोर्टल पर आवेदन करने वालों के आवेदन पर कार्यवाही की जाए।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन विकास सीताराम भाले ने विभाग की गतिविधयों से सबंधित जानकारी देते हुए बताया कि गायों की गिनती के लिए नवाचार के तहत आई टी आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है जिस पर विभाग काम कर रहा है। मंत्री कुमावत ने इस नवाचार पर अपनी सहमति जताई।
बैठक में गोपालन विभाग की वित्त सलाहकार एवं कार्यकारी निदेशक डॉ शालिनी शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।